2 जून से 10 जून तक आयोजित होंगे विविध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम
मितेंद्र कुमार गुप्ता
नित्य संदेश, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के प्रस्तावित 38वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 2 जून से 10 जून तक आठ दिवसीय ‘‘दीक्षोत्सव’’ का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान छात्र-छात्राओं की रचनात्मक, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव भी है। दीक्षोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर के सभी विभागों एवं संबद्ध महाविद्यालयों से अधिकाधिक छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता ने बताया कि दीक्षोत्सव के अंतर्गत साहित्य, संस्कृति, कला, संगीत एवं सामान्य ज्ञान से संबंधित विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना तथा उनमें रचनात्मक अभिव्यक्ति की भावना को सशक्त बनाना है। सभी विजेताओं को विशेष सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर के सभी विभागाध्यक्षों, समन्वयकों, निदेशकों तथा संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों को प्रतियोगिताओं में शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दीक्षोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा
2 जून – निबंध लेखन प्रतियोगिता
विषय : “नशामुक्त भारत : युवा शक्ति की जिम्मेदारी”
स्थान : इतिहास विभाग
3 जून – भाषण प्रतियोगिता
विषय : “विकसित भारत : एक विश्व गुरु”
स्थान : इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज
4 जून – देशभक्ति गीत एवं कविता प्रतियोगिता
विषय : “मेरा देश”
स्थान : अटल सभागार
5 जून – सामान्य ज्ञान क्विज प्रतियोगिता
विषय : “उत्तर प्रदेश की संस्कृति”
स्थान : समाजशास्त्र विभाग
5 जून – संस्थापन कला प्रतियोगिता
विषय : “नारी शक्ति वंदन”
स्थान : आईएफए
8 जून – लोक नृत्य प्रतियोगिता
विषय : “भारतीय लोकनृत्य”
स्थान : अटल सभागार
9 जून – पोस्टर, स्लोगन एवं रंगोली प्रतियोगिता
विषय : “नारी शक्ति वंदन”
स्थान : अटल सभागार एवं आईएफए
10 जून – दीक्षोत्सव प्रदर्शनी एवं पुरस्कार वितरण समारोह
स्थान : अटल सभागार
इस वर्ष के दीक्षोत्सव-2026 में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए स्थापन कला (Installation Art) एवं झांकी प्रदर्शन का भी आयोजन किया जाएगा। प्रोफेसर अलका तिवारी ने बताया की अभिनव पहल के अंतर्गत "इंस्टॉलेशन आर्ट "इस दीक्षोत्सव 2026 के आकर्षण का केंद्र रहेगा जिसके अंतर्गत प्रतिभागियों द्वारा स्थापन कला एवं सृजनात्मक झांकियों के माध्यम से "उत्तर प्रदेश की संस्कृति" तथा "नारी शक्ति वंदन" जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कलात्मक एवं प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके साथ ही "मां-बेटी स्वास्थ्य सम्मेलन" का आयोजन भी किया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य छात्राओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा माताओं को उनकी बेटियों के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी एवं परामर्श प्रदान करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा तथा विशेषज्ञों द्वारा माताओं एवं बेटियों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता, सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों तथा स्वास्थ्य जागरूकता को प्रोत्साहित करना है, जिससे दीक्षोत्सव-2026 केवल एक सांस्कृतिक आयोजन न होकर शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य एवं नवाचार का समन्वित उत्सव बन सके।
इस अवसर पर साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के समन्वयक प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा, डॉक्टर अलका तिवारी, डॉक्टर योगेंद्र गौतम, डॉक्टर आशीष कौशिक, डॉक्टर अपेक्षा चौधरी, डॉक्टर मुनेश कुमार, डॉक्टर डीएन भट्ट, इंजीनियर प्रवीण पवार, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता, दीपक त्यागी आदि मौजूद रहे।

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