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Friday, June 12, 2026

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में नित्य योग शिविर के 12वें दिन योगाभ्यास एवं महिला स्वास्थ्य संवर्धन हेतु योग एवं मर्म चिकित्सा कार्यशाला का आयोजन



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के योग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित नित्य योग शिविर के 12वें दिन का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत रूप से किया गया। इस अवसर पर योगाचार्य अमरपाल ने योग साधना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अविद्या ही अज्ञान की जननी है। उन्होंने महर्षि स्वात्माराम द्वारा वर्णित योग साधना के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्साह, साहस, धैर्य, वास्तविक ज्ञान, पूर्ण निश्चय तथा लोक-संग्रह के त्याग के माध्यम से ही साधक अपने परम लक्ष्य की प्राप्ति कर सकता है।


उन्होंने महर्षि पतंजलि के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अविद्या, अस्मिता, राग, द्वेष एवं अभिनिवेश मानव जीवन के पाँच प्रमुख क्लेश हैं, जो व्यक्ति को अज्ञानता और दुःख के मार्ग पर ले जाते हैं। वास्तविक ज्ञान की प्राप्ति ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों को पद्म शीर्षासन, चक्रासन, धनुरासन, द्विकोणासन, नटराजासन, ताड़ासन एवं अर्धचंद्रासन सहित कपालभाति, अनुलोम-विलोम, उज्जायी तथा भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। शिविर में डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. विवेक कुमार त्यागी, डॉ. वैशाली पाटिल, अंजू मलिक, राखी सिंह, राकेश कुमार, अर्चना, विवेक कुमार, वंश चौधरी, शिवानंद सहित अनेक प्रतिभागी उपस्थित रहे। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा माननीय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में महिला स्वास्थ्य संवर्धन एवं योग के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से योग एवं मर्म चिकित्सा कार्यशाला का आयोजन योग विज्ञान विभाग में किया गया।


कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में योग एवं मर्म चिकित्सा की भूमिका को रेखांकित करना था। इस अवसर पर योगाचार्या राखी सिंह ने प्रतिभागियों को शरीर के विभिन्न मर्म बिंदुओं की जानकारी देते हुए उनका व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि मर्म चिकित्सा के माध्यम से अनेक शारीरिक समस्याओं में राहत प्राप्त की जा सकती है तथा समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।


कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. वैशाली पाटिल द्वारा किया गया। उन्होंने महिला स्वास्थ्य के संदर्भ में योग की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को नियमित योगाभ्यास अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में योगाचार्य अमरपाल एवं अंजू मलिक भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योग एवं मर्म चिकित्सा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। कार्यक्रम का समापन सभी के स्वस्थ, संतुलित एवं जागरूक जीवन की मंगलकामना के साथ हुआ।

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