Breaking

Your Ads Here

Thursday, August 13, 2026

राधा गोविंद मंडप में सप्त दिवसीय सत्संग का द्वितीय दिवस, रामचरितमानस के माध्यम से भगवत चिंतन पर प्रवचन

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। गढ़ रोड स्थित राधा गोविंद मंडप में चल रहे सप्त दिवसीय सत्संग के द्वितीय दिवस पर महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती ने "भगवान की महती अनुकंपा - रामचरितमानस के माध्यम से भगवत चिंतन" विषय पर श्रोताओं का मार्गदर्शन किया।


उन्होंने कहा कि उत्तरकांड में ज्यादा दुख का वर्णन नहीं है, भगवान लंका विजय करके आए हैं और परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। व्यक्ति को जीवन की संध्या में सोने से पूर्व अपने कार्यों का विहंगावलोकन, आत्मविश्लेषण और आत्मचिंतन करना चाहिए। यदि एक दिन का चिंतन नहीं कर पाए तो पूरे जीवन का कैसे होगा।


उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से चार बातों पर विचार करना चाहिए -

1. भगवान के दिए शरीर से सेवा कितनी हुई,
2. धर्म कार्य के लिए अर्जित धन का कितना त्याग किया,
3. मन से सुमिरन और जप कितना किया,
4. बुद्धि से सत्संग का श्रवण कितना किया।
यदि ये चारों जीवन में हैं तो जीवन भगवत अर्पित है। भागवत श्रवण से सारे कार्य सिद्ध होते हैं और जो भगवान का सुमिरन करता है, उसे विपत्ति नहीं आती।


कथा में मनोज कुमार गुप्ता, आर के प्रसाद, बबीता गुप्ता, गोविंद अग्रवाल सहित कई भक्त मौजूद रहे। अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। यह कथा 12 से 18 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 4 से 6.30 बजे तक चलेगी। प्रातः कालीन सत्संग 13 से 19 अगस्त तक सुबह 8 से 9 बजे तक सुमित्रा सत्संग भवन, जागृति विहार एक्सटेंशन में विवेक चूड़ामणि विषय पर होगा।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here