लगातार असफलताओं के बावजूद नहीं मानी हार, मेहनत और दृढ़ संकल्प से हासिल किया असिस्टेंट कमांडेंट बनने का लक्ष्य
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। प्रतिभा, निरंतर मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर मेरठ के होनहार युवा प्रत्यूष शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर 92वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से न केवल उनके परिवार और मित्रों में खुशी की लहर है, बल्कि मेरठ का नाम भी गौरवान्वित हुआ है। प्रत्यूष की सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणादायी है, जो कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और बार-बार आने वाली चुनौतियों के बावजूद अपने लक्ष्य को पाने के लिए संघर्षरत हैं।
बाल्यकाल से ही मेधावी और अध्ययन के प्रति गंभीर रहे प्रत्यूष शर्मा वर्तमान में भारतीय खाद्य निगम (FCI) में कार्यरत हैं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपने बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी। कई वर्षों की कठिन तैयारी, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के बाद उन्हें CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में यह शानदार सफलता प्राप्त हुई। प्रत्यूष की सफलता की कहानी केवल उनकी अंतिम उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संघर्ष, धैर्य और असफलताओं से सीख लेने की लंबी यात्रा है। उन्होंने इससे पहले CDS तथा FCAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कई बार साक्षात्कार चरण तक का सफर तय किया, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। हालांकि इन असफलताओं ने उनके हौसले को कमजोर नहीं किया। उन्होंने प्रत्येक प्रयास को अनुभव के रूप में लिया, अपनी कमियों का विश्लेषण किया और पहले से अधिक दृढ़ संकल्प के साथ अपनी तैयारी जारी रखी।
लगातार प्रयासों और आत्मविश्वास का परिणाम रहा कि इस बार प्रत्यूष ने UPSC-CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 92वीं रैंक हासिल की। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि उसके पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग, अनुशासन और असफलताओं से लड़ने का साहस छिपा होता है।
प्रत्यूष शर्मा के पिता श्री मनोज शर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (DySP) के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में सीआईडी, मेरठ में तैनात हैं। वहीं उनकी माता प्रो. (डॉ. ) सीमा शर्मा स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में प्रोफेसर एवं भाषा विभागाध्यक्ष के पद पर अपनी सेवाएँ दे रही हैं। शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से जुड़े पारिवारिक वातावरण ने भी प्रत्यूष के व्यक्तित्व और लक्ष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत आधार प्रदान किया।
प्रत्यूष शर्मा की सफलता पर उनके परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रत्यूष अपनी प्रतिभा, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के माध्यम से देश की सेवा में भी उत्कृष्ट योगदान देंगे।
प्रत्यूष की उपलब्धि युवा पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि असफलता मंजिल नहीं, बल्कि सफलता की राह में मिलने वाला एक पड़ाव है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और मन में उसे हासिल करने का दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी चुनौती व्यक्ति को उसके लक्ष्य तक पहुँचने से नहीं रोक सकती।
प्रत्यूष शर्मा की यह सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम की जीत है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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