
नित्य संदेश, इंदौर। श्रीजी इंटरनेशनल स्कूल में हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों को केवल नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें देश से प्रेम करने, एक-दूसरे का सम्मान करने और भारत के विकास में अपनी भूमिका समझने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस वर्ष विद्यालय में आयोजित विशेष इंडिया @ 28' पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारत के विभिन्न राज्यों की विविधता, विशेषताओं, सामर्थ्य, चुनौतियों और विकास की संभावनाओं को गहराई से समझा।
विद्यालय में विद्यार्थियों ने जाना कि देश की समस्याओं को केवल देखने और गिनाने के बजाय उनके समाधान खोजने की सोच विकसित करना ही सच्ची देशभक्ति है। बच्चों ने अलग-अलग राज्यों की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP), जनसंख्या, साक्षरता दर, पर्यटन, कृषि, उद्योग, निर्यात-आयात, प्राकृतिक संसाधन और आर्थिक ताकत का अध्ययन किया। साथ ही उन्होंने यह भी विचार किया कि किसी राज्य की सकारात्मक विशेषताओं और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करके रोजगार के नए अवसर कैसे पैदा किए जा सकते हैं तथा राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को कैसे मजबूत बनाया जा सकता है।

विद्यार्थियों ने यह भी शोध किया कि विभिन्न राज्यों ने भारत को किन क्षेत्रों में गौरवान्वित किया है, वहां के किन लोगों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, कौन-कौन से नए स्टार्टअप और उद्योग सफल हुए है तथा भविष्य में किन क्षेत्रों में नई औद्योगिक संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। बर्चा ने वित्त, कृत्रिम बुद्धिमता, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, जैव प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को भारत के भविष्य के विकास से जोड़कर देखा।
इस गतिविधि का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि विद्यार्थियों ने राज्यों की समस्याओं के लिए अपने नवीन समाधान और विकास मॉडल प्रस्तुत किए। किसी ने जल संकट के समाधान सुझाए, तो किसी ने बेरोजगारी दूर करने, शिक्षा एवं साक्षरता बढ़ाने, पर्यटन को विकसित करने, किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों से उद्योग स्थापित करने के विचार रखे।
बच्चों ने अपने राज्यों के लिए भविष्य की स्पष्ट दृष्टि भी प्रस्तुत की। उनके विचारों में 'नागालैंड भारत का जैविक कृषि और पर्यावरण पर्यटन केंद्र बनेगा", "उत्तर प्रदेश भारत की विनिर्माण और निर्यात शक्ति बनेगा", "तेलंगाना भारत की नवाचार राजधानी बनेगा", "हिमाचल प्रदेश भारत की आदर्श सतत पर्वतीय अर्थव्यवस्था बनेगा" और "महाराष्ट्र भारत का आर्थिक इंजन बना रहेगा जैसे संकल्प प्रमुख रहे।

विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में केवल देशभक्ति की भावना पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील, जागरूक और समाधान-केंद्रित नागरिक बनाना है। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि जब बच्चे भारत की विविधता को समझेंगे, एक-दूसरे की संस्कृति और विचारों का सम्मान करेंगे तथा समस्याओं को अवसरों में बदलने की सोच विकसित करेंगे, तभी वे भविष्य के ऐसे नागरिक बनेंगे जो 'मेरा राज्य' से आगे बढ़कर 'मेरा भारत' के निर्माण में योगदान देंगे।
इस स्वतंत्रता दिवस पर श्रीजी इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों का संदेश स्पष्ट है-भारत की ताकत उसकी विविधता में है और भारत का भविष्य उसके युवाओं की सोच में। समस्याएं अनेक हो सकती हैं, लेकिन समाधान खोजने का संकल्प उससे भी बड़ा होना चाहिए।
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