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Friday, August 14, 2026

तीन दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम के तृतीय एवं अंतिम दिवस का हुआ आयोजन

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी (सीआईईटी) एनसीईआरटी नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम के तृतीय एवं अंतिम दिवस का सफल आयोजन किया गया। 


कार्यक्रम का विषय “शिक्षकों, शिक्षक-प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकियाँ” था। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. गौरव राव ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा आनंददायी अधिगम पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहूट, फेट, पैडलैट, कैनवा तथा आभासी प्रयोगशालाओं जैसे विभिन्न डिजिटल संसाधनों का परिचय कराते हुए उनके शैक्षिक उपयोग को समझाया। द्वितीय सत्र में सीआईईटी, एनसीईआरटी की डॉ. उपासना रे ने मीडिया अनुसंधान के विभिन्न आयामों पर चर्चा की तथा व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुसंधान में मीडिया के प्रभावी उपयोग से अवगत कराया। तृतीय सत्र में डॉ. राजेश डी. ने साइबर सुरक्षा एवं संरक्षा विषय पर व्याख्यान देते हुए ई-मेल फिशिंग, डीपफेक, सोशल इंजीनियरिंग तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल युग में सुरक्षित एवं जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार की आवश्यकता पर बल दिया। चतुर्थ सत्र में प्रतिभागियों का पॉट टेस्ट आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अर्जित ज्ञान एवं अधिगम परिणामों का मूल्यांकन किया गया। 


समापन सत्र में विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. अरुण कुमार ने कार्यक्रम की विस्तृत प्रतिवेदन रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए तीनों दिनों में आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण दिया। इसके उपरांत विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों के लिए तकनीकी दक्षता एवं डिजिटल साक्षरता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का उत्तरदायित्वपूर्ण एवं प्रभावी उपयोग करते हुए शिक्षण को अधिक नवाचारी, समावेशी एवं शिक्षार्थी-केंद्रित बनाएं। उन्होंने शिक्षा विभाग एवं सीआईईटी, एनसीईआरटी को इस उपयोगी कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। 


कार्यक्रम में प्रो. राकेश कुमार शर्मा, विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष, शिक्षा विभाग, प्रो. अरुण कुमार, डॉ. वैभव शर्मा सहित अनेक शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।

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