नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), मेरठ में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के 15 महिला एवं 15 पुरुष प्रशिक्षणार्थियों सहित समस्त स्टाफ ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया तथा National e-Pledge Against Drug Abuse के अंतर्गत ऑनलाइन ई-प्लेज भी कराई गई। इसके साथ ही सभी उपस्थित प्रतिभागियों एवं स्टाफ द्वारा नशा मुक्ति के लिए सामूहिक शपथ ली गई। संस्थान के निदेशक निशांत गौतम ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य केवल नशा न करने की शपथ लेना नहीं है, बल्कि समाज में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता पैदा करना और विशेष रूप से युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है। उन्होंने बताया कि भारत में तंबाकू का सेवन एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। सिगरेट और बीड़ी के साथ-साथ गुटखा, खैनी, जर्दा जैसे धुआं रहित तंबाकू उत्पाद भी स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। नशा हमेशा तुरंत नहीं मारता, बल्कि कई बार व्यक्ति को धीरे-धीरे बीमारी, आर्थिक परेशानी और पारिवारिक टूटन की ओर ले जाता है।
उन्होंने कहा कि नशे का प्रभाव केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे के कारण परिवार में तनाव, आर्थिक समस्याएं, घरेलू विवाद, बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव तथा सामाजिक अपराध जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे नशे से दूर रहें, अच्छे मित्रों का साथ चुनें, किसी भी प्रकार के दबाव में आकर नशे का सेवन न करें तथा खेलकूद, योग और रचनात्मक गतिविधियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। यदि कोई व्यक्ति नशे की आदत में फंस गया है तो उसका मजाक उड़ाने के बजाय उसे परामर्श एवं उपचार प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
उन्होंने कहा - "आप देश का भविष्य हैं। असली ताकत नशा करने में नहीं, बल्कि गलत चीजों को 'ना' कहने में है। आज हम संकल्प लें कि हम स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे।" कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने, दूसरों को नशे के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ एवं नशा मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर रमेश जोशी, ऑफिस असिस्टेंट, परिचारक एवं संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्यों सहित सभी प्रशिक्षणार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।


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