अशोक सोम
नित्य संदेश, मेरठ। खसरा संख्या 6041 पर बने नवनिर्मित नगर निगम कार्यालय परिसर के उद्घाटन को लेकर बड़ा विधिक पेंच सामने आया है। इस भूमि को उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने खुद 'land in dispute' (विवादित भूमि) माना है। याचिकाकर्ता लोकेश कुमार खुराना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मांग की है कि दीपावली से पूर्व प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को तत्काल स्थगित किया जाए।
पत्र में उठाए गए मुख्य बिंदु:
1. मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन: खसरा 6041 की वैधानिकता को लेकर हाईकोर्ट में PIL No- 1416 of 2026, Lokesh Kumar Khurana बनाम State of UP and 2 Others विचाराधीन है।
2. हाईकोर्ट के आदेश: न्यायालय ने दिनांक 29.05.2026 के आदेश में इस भूमि को स्पष्ट रूप से विवादित माना है। इसके बाद 16.07.2026, 14.08.2026 और 16.09.2026 को भी सुनवाई जारी रही है।
3. मुख्य सचिव का आदेश रिकॉर्ड: इसी मामले में प्रमुख सचिव द्वारा 23.03.2026 को धारा 38(5), उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 के अंतर्गत पारित आदेश को भी न्यायालय ने अभिलेख पर लिया है।
पत्र में कहा गया है कि जब तक हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, उसी विवादित भूमि पर बने परिसर का मुख्यमंत्री के कर-कमलों से उद्घाटन कराकर उसे विधिसम्मत सरकारी संपत्ति के रूप में स्थापित करने का प्रयास न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा और विधि के शासन के प्रतिकूल होगा।
साथ ही नक्शा स्वीकृत है या नहीं, और भूमि उपयोग परिवर्तन (आवासीय से व्यावसायिक) की अनुमति ली गई है या नहीं, इस पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि बिना स्वीकृत मानचित्र वाली आवासीय भूमि पर बने परिसर का उद्घाटन विधिक एवं लोकहित की दृष्टि से अनुचित होगा।
मांग: PIL के अंतिम निस्तारण तक उद्घाटन, हस्तांतरण और नियमित संचालन पर रोक लगाई जाए और भूमि के स्वामित्व, भू-उपयोग, मानचित्र स्वीकृति व निर्माण अनुज्ञा की मूल अभिलेखों से जांच कराई जाए।
यह पत्र आयुक्त मेरठ मंडल/अध्यक्ष MDA, जिलाधिकारी मेरठ, नगर आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन को भी प्रतिलिपि के रूप में भेजा गया है।
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