नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मंगलवार को प्रातः 10:30 बजे से 12:30 बजे तक शुभम करोति फाउंडेशन द्वारा पंचवटी कॉलोनी, मवाना रोड स्थित आभा मानव मंदिर के प्रांगण में गोस्वामी तुलसीदास जयंती के पावन अवसर पर आयोजित श्री रामचरित मानस ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आज विश्राम दिवस के साथ समापन हुआ।
कथा व्यास महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद सरस्वती महाराज ने विश्राम दिवस की कथा में बालकांड की तात्विक व्याख्या करते हुए कहा कि मोक्ष ही वेदों का परम प्रतिपाद्य विषय है। वेद के सूत्रों का ही सरलीकरण कर भगवान और अन्य पात्रों के कथानकों के साथ रामचरित मानस एवं अन्य ग्रंथों की रचना की गई है। भगवान के नाम, रूप, लीला, गुण एवं धाम की चर्चा करने से अंतःकरण निर्मल होता है। बाह्य संसार के साधनों से मुक्ति नहीं हो सकती, स्वरूप बोध ही मुक्ति का एकमात्र उपाय है।
उन्होंने कहा कि जगत में व्यवहार ऐसा करना चाहिए जैसे सब नाटक है और नाटक ऐसे करना चाहिए कि सब व्यवहार है। कथा का तत्व है - आत्मस्वरूप, राम ही हमारी आत्मा हैं। हर क्षण बोध बना रहे कि मैं भगवान का और भगवान मेरे हैं। साधक के जीवन का एक-एक क्षण साधना होता है। धर्म का विधान और ब्रह्म का विज्ञान बिना गुरु के प्राप्त नहीं होता। व्यास पूजन सुरेश चंद गोविल, आभा गोविल, सविता अग्रवाल एवं सुरेंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर सत्यानंद त्यागी, पूरन चंद शर्मा, माया खंडेलवाल, खजान सिंह चौहान, ब्रह्मपाल सिंह, कुणाल दीक्षित आदि उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment