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Saturday, August 1, 2026

नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति : प्रो. हरे कृष्ण

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी "नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान" के अंतर्गत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान द्वारा स्लोगन एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर हरे कृष्ण (कार्यवाहक कुलपति, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर वीरपाल सिंह, प्रोफेसर भूपेन्द्र सिंह एवं प्रोफेसर अर्चना सिंह तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. मितेन्द्र गुप्ता उपस्थित रहे।


इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने अपने संदेश में कहा कि "नशा मुक्त भारत केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प है। युवाओं की रचनात्मक शक्ति, सकारात्मक सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व ही विकसित भारत की आधारशिला हैं। शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से प्रत्येक युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।" मुख्य अतिथि प्रोफेसर हरे कृष्ण ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और भविष्य को प्रभावित करता है। युवा यदि नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, कला एवं संस्कृति की दिशा में लगाएँ, तो विकसित भारत का निर्माण शीघ्र संभव है।


कार्यक्रम संयोजिका प्रोफेसर अलका तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि ललित कला संस्थान सदैव सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करता रहा है। उन्होंने कहा कि कला सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है तथा पोस्टर एवं स्लोगन जैसी प्रतियोगिताएँ युवाओं में जागरूकता, संवेदनशीलता एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करती हैं। युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।



अति विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर वीरपाल सिंह ने कहा कि अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही युवा शक्ति की वास्तविक पहचान है। नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। अति विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी साधन भी है। विद्यार्थियों ने अपने पोस्टरों और स्लोगनों के माध्यम से नशा मुक्ति का सशक्त संदेश दिया है।अति विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अर्चना सिंह ने कहा कि स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। प्रत्येक युवा को अपने आचरण से समाज के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।


विशिष्ट अतिथि डॉ. मितेन्द्र गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है जब युवा वर्ग स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करे। कला, शिक्षा और सकारात्मक संस्कार युवाओं को सही दिशा प्रदान करते हैं। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए नशा मुक्ति एवं विकसित भारत विषय पर उत्कृष्ट पोस्टर एवं स्लोगन प्रस्तुत किए।


पोस्टर प्रतियोगिता में तेजस्वी शर्मा ने प्रथम, सिद्धांत यादव ने द्वितीय तथा मानव प्रताप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विनीता गुप्ता, दक्ष एवं कशिश को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए। स्लोगन प्रतियोगिता में रिद्धिमा कथूरिया ने प्रथम, दिव्या ने द्वितीय तथा कशिश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विनीता गुप्ता, गौरांगी एवं श्रेया को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतियोगिताओं का निर्णय डॉ. शालिनी धामा, डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ, कृतिका गोयल एवं निर्णय पंडाल द्वारा किया गया।


कार्यक्रम के सफल आयोजन में दीपांजलि, मोहम्मद खालिद, आकाश तथा डॉ. रीता सिंह का विशेष सहयोग रहा। छात्र-स्तर पर रिद्धिमा कथूरिया, श्रेया कुशवाहा एवं सिद्धांत यादव का उल्लेखनीय योगदान रहा। अंत में मुख्य अतिथि एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागियों को "नशा मुक्त युवा–विकसित भारत" के संकल्प को अपने जीवन में आत्मसात कर समाज में जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।

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