नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर आज मेडिकल कॉलेज मेरठ के नेत्र रोग विभाग द्वारा अंगदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर सी गुप्ता ने बताया कि एक सामान्य व्यक्ति अपने मरणोपरांत अंगों का दान करके 8 गंभीर मरीजों को नया जीवन दे सकता है। देश में अंगों की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। हजारों मरीज हर साल सही समय पर अंग न मिलने के कारण संघर्ष करते हैं। समाज में फैले भ्रमों को दूर करके अंगदान के संकल्प को बढ़ावा देना ही इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है।
नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि विश्व अंगदान दिवस प्रतिवर्ष 13 अगस्त को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक कर अंगदान प्राप्त करने वाले मरीजों की वेटिंग लिस्ट को कम करना और अंगदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना है। इस अवसर पर उन्होंने भारत सरकार के "अंगदान - जीवन संजीवनी अभियान" के तहत लोगों को अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शपथ लेने के लिए प्रेरित किया। मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में नर्सिंग छात्र-छात्राओं के समक्ष नेत्रदान से संबंधित व्याख्यान दिया गया और एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से अपने आसपास नेत्रदान के लिए जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डॉ. अलका गुप्ता ने नेत्रदान की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि नेत्रदान क्यों जरूरी है। इस कार्यक्रम में नेत्र रोग विभाग के डॉ. प्रियांक गर्ग, डॉ. जयश्री द्विवेदी, डॉ. प्रियंका गोसाई एवं परास्नातक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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