मनमोहन भल्ला
नित्य संदेश, मेरठ। रक्षा मंत्रालय ने मेरठ कैंट बोर्ड के सदस्य डा. सतीश चंद्र शर्मा को छावनी अधिनियम 2006 की धारा 34 के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए उन्हें उनके पद से निष्काषित करते हुए उनकी सदस्यता खारिज कर दी है । रक्षा मंत्रालय के उक्त आदेश को मेरठ कैंट बोर्ड द्वारा दिनांक 20 अगस्त को उन्हें डासना जेल में रिसीव करवा दिया गया।
कैंट बोर्ड प्रवक्ता जय पाल सिंह तोमर ने बताया के डा. सतीश शर्मा अभी गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है इस कारण कैंट बोर्ड के कर्मचारी को जेल में भेजकर उक्त आदेश को डा. सतीश शर्मा को सर्व कर दिया गया है । और वर्तमान में कैंट बोर्ड में कोई मनोनीत सिविल सदस्य नही है । विदित हो के 30 मई को गांधी बाग के राजस्व ठेके को लेकर ठेकेदर विक्की कश्यप द्वारा सीबीआई से शिकायत करने पर सीबीआई की गाजियाबाद ब्रांच द्वारा जाल बिछाकर डा सतीश शर्मा को ठेकेदार के दिये रुपये 3 लाख के साथ उनके निवास अंसल टाउन मेरठ से गिरफ्तार किया गया था और उसके उपरांत उन्हें सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया था और अदालत ने उन्हें डासना जेल भेज दिया था तब से वो डासना जेल में ही हैं ।
गत 5 अगस्त को कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया था। 30 मई को सीबीआई द्वारा डा सतीश शर्मा की गिरफ्तारी की सूचना को कैंट बोर्ड मेरठ द्वारा कैंट बोर्ड अध्यक्ष स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह को अवगत करवाने के उपरांत बोर्ड द्वारा उनपर कैंट एक्ट की धारा 34 के अंतर्गत कार्यवाही की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी थी । और दिनांक 20 जून को उन्हें रक्षा मंत्रालय का शो कॉज नोटिस भी डासना जेल में सर्व करवा दिया गया था । जिसका जवाब डा सतीश शर्मा द्वारा दिनांक 6 जुलाई को दिया गया था और अब उक्त प्रतिक्रिया के उपरांत रक्षा मंत्रालय द्वारा उनकी सदस्यता निष्काषित कर दी गयी है ।

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