इकराम चौधरी
नित्य संदेश, किठौर। मॉडर्न पब्लिक स्कूल में 'शिक्षा सर्वोपरि - निःस्वार्थ एवं आत्मनिर्भर भारत' की अवधारणा के तहत सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को कोर्स निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता को देखते हुए यहाँ बच्चों को पढ़ाने पर हमें गर्व है और विश्वास है कि हमारे बच्चे भविष्य में बेहतर तरक्की और कामयाबी हासिल करेंगे। संस्था के प्रधानाचार्य डॉ. इशरत अली ने बताया कि वह शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा एवं मनोबल को मजबूती मिली है। मॉडर्न पब्लिक स्कूल किठौर की फाउंडर सितारा जबर ने कहा कि शिक्षा मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य हिस्सा है। यह केवल अक्षर ज्ञान या डिग्रियाँ प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि व्यक्ति के मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास की एक संपूर्ण प्रक्रिया है। शिक्षा ही वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर कर जीवन को सही दिशा प्रदान करती है।
संस्था के संचालक बदर ने बताया कि निःस्वार्थ शिक्षा एवं यतीम बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना ही उनकी विचारधारा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उनके नाम पर समाज में भ्रम फैलाया था, परंतु अब वह स्वयं अकेले ही अपनी जिम्मेदारी और विचारधारा पर काम कर रहे हैं। उन्हें खुशी है कि ऊपर वाले ने उन्हें इस काबिल बनाया है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र की असली ताकत उसकी सेना या धन-दौलत में नहीं, बल्कि वहाँ के नागरिकों की शिक्षा और उनके संस्कारों में होती है। ज्ञान बाहर से नहीं, बल्कि हमारे भीतर ही है; शिक्षा केवल उस ज्ञान को जागृत करने का माध्यम है। आज के समय में केवल साक्षर होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें व्यवहारिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है जो सोचने-समझने की शक्ति को विकसित करे।
इस अवसर पर कस्बा किठौर के गणमान्य नागरिक चौधरी अनस एडवोकेट, पहलवान अबरार मुखिया, इसरार मुखिया, इमरान मुखिया, चौधरी इकराम बबलू राधना, खालिद मुनाजर राधना, पहलवान जबर राधना, चौधरी आदिल एडवोकेट नंगला आदि मौजूद रहे।

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