नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठः स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी प्रार्थना एवं संकल्प दिवस के रूप में गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और जनसेवा का संदेश दिया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति एवं सम-कुलाधिपति तथा कार्यकारी अधिकारी ने संयुक्त रूप से राष्ट्रध्वज फहराया। ध्वजारोहण के दौरान एनसीसी की 70 यूपी बटालियन के कैडेट्स ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी, जबकि ललित कला संकाय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कार्यकारी अधिकारी डॉ. कृष्णामूर्ति, प्रति-कुलपति कर्नल प्रो. (डॉ.) मुनीश सी. रेड्डी, कुलसचिव ग्रुप कैप्टन एम. याकूब, डॉ. सैयद जफर हुसैन सहित विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, निदेशक, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.के. मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का आत्ममंथन करने और नए संकल्प लेने का दिन है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने मन में राष्ट्रहित एवं जनसेवा की भावना को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी, शिक्षक, युवा, कर्मचारी और समाज का प्रत्येक वर्ग यदि अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी, अनुशासन, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करे तो राष्ट्र को विकास की नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा, ज्ञान और ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाएं तथा देश की एकता, अखंडता और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
प्रो. मित्तल ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना तभी साकार होगा, जब देश आत्मनिर्भर बने और समाज के सभी वर्गों के बीच प्रेम, सौहार्द, सहयोग और सामाजिक समरसता मजबूत हो। उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारा और सद्भाव किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। हमें जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र जैसी संकीर्णताओं से ऊपर उठकर राष्ट्र की एकता और विकास के लिए मिलकर कार्य करना होगा। कुलपति ने आगे कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके सपनों के भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। उन्होंने सभी से अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने, राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने और समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।
वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के सम-कुलाधिपति मेजर जनरल (डॉ.) जी.के. थपलियाल, एसएम (सेनि.) ने कहा कि वर्ष 1947 में देश को राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त हुई, लेकिन वास्तविक और पूर्ण स्वतंत्रता का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब हम मानसिक एवं आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि देश प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने और नागरिक अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपनी कर्तव्यनिष्ठा को प्रदर्शित करते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लेना चाहिए। समाज मं व्याप्त घृणा, अविश्वास और विभाजन की भावना को प्रेम, करुणा, मैत्री और आपसी विश्वास से समाप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की मजबूती केवल सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सकारात्मक भूमिका से सुनिश्चित होती है। डॉ. थपलियाल ने स्वतंत्रता दिवस को प्रार्थना एवं संकल्प दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू करने के लिए सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन की विभीषिका में जिन परिवारों ने अपनों को खोया और विस्थापन का दंश झेला, उनके प्रति संवेदना रखना भी हमारी सामाजिक एवं मानवीय जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी से प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना बनाए रखना सुभारती की मानवीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनोज कपिल ने उपस्थित सभी लोगों को वर्ष 1947 की विभाजन विभीषिका में हताहत हुए लोगों तथा इस त्रासदी का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति संवेदना एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने का सभी को संकल्प दिलाया। इसके साथ ही सभी ने दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का अधिकाधिक उपयोग करने और देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरुणा बंसल एवं इंजीनियर रितु शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का समापन ललित कला संकाय के विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति के साथ हुआ।
इस अवसर पर डॉ. एन.के. आहूजा, डॉ. महेश कुमार मित्तल, डॉ. निखिल श्रीवास्तव, डॉ. सोकिंद्र कुमार, डॉ. सुधीर त्यागी, डॉ. पिंटू मिश्रा, डॉ. पद्मा मिश्रा, डॉ. रविंद्र कुमार जैन, डॉ. प्रदीप राघव, डॉ रीना बिश्नोई, डॉ. रेणु मावी, कर्नल राजेश त्यागी, डॉ. गीता परवंदा, कर्नल असीम कुकरेजा, विंग कमांडर धर्मेंद्र कुमार,डॉ. एस.सी. तिवारी, डॉ. अमित पुनिया, राज कुमार सागर सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, विद्यार्थी तथा एनसीसी, एनएसएस एवं सुभारती डिफेंस अकादमी के कैडेट्स मौजूद रहे।

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