
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इंदौर ने NSUI नेता द्वारा छात्रा कार्यकर्ता के साथ किए गए दुष्कर्म एवं मारपीट के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र हुए। वहां से विशाल रैली निकालते हुए अभाविप के कार्यकर्ता भोलाराम चौराहे पहुंचे और NSUI का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने NSUI के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

यह विरोध "छात्र गूंज" अभियान से जुड़ी एक घटना के बाद हुआ। अभियान में दिनभर काम करने वाली एक युवा छात्रा कार्यकर्ता के साथ NSUI नेता सुभाष यादव ने यौन शोषण किया। छात्र कल्याण की बात करने वाले NSUI के भीतर छात्राओं की सुरक्षा कितनी खतरे में है।
यह कोई अकेली घटना नहीं है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान से लेकर छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष और अब मध्य प्रदेश के नेता सुभाष यादव के खिलाफ FIR दर्ज होना यह प्रमाण है कि NSUI में व्यवस्थागत स्तर पर शोषण और हिंसक मानसिकता मौजूद है। यहां दोषियों को दंडित करने के बजाय संरक्षण दिया जाता है। इसी कारण "नारी सताओ यूनियन ऑफ इंडिया" नाम अब संगठन के भीतर काम कर रही महिलाओं की पीड़ा को दर्शाता है।

अभाविप के महानगर सह मंत्री प्रांजलि अग्रवाल ने कहा कि अभाविप इस जघन्य कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करती है और मांग करती है कि मामले की तत्काल, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी दोषी पाया जाए उसे कानून के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए। अभाविप यह भी स्पष्ट करती है कि जो संगठन ऐसे अपराधियों को बचाता है वह भी इस अपराध का भागीदार है।
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