नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। माँ कनकेश्वरी देवी शासकीय महाविद्यालय, नंदानगर, इंदौर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर "महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व" कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनप्रतिनिधि डॉ. चंदू राव शिंदे तथा अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य मेजर डॉ. संजय सोहनी ने की।
मुख्य अतिथि जनप्रतिनिधि डॉ. चंदू राव शिंदे ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही समाज को योग्य नागरिक और राष्ट्र को सशक्त भविष्य प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के प्रति सम्मान, अनुशासन एवं कृतज्ञता का भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता डॉ. अमृतलाल बजाज ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा, संस्कार और उद्देश्य प्रदान करने वाले पथप्रदर्शक होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरु के बताए मार्ग पर चलकर उत्कृष्ट व्यक्तित्व का निर्माण करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर डॉ. किरण बिल्लोरे, डॉ. रोशन बेंजामिन, डॉ. वंदना चराटे एवं डॉ. स्वप्निल व्यास ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा, नैतिक मूल्यों तथा गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन ही विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा प्रदान करता है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मेजर डॉ. संजय सोहनी ने कहा कि गुरु विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, विनम्रता, अनुशासन और सेवा की भावना को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों का सम्मान कर उनके शैक्षणिक योगदान एवं विद्यार्थियों के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों का अनुसरण करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रगति जैन ने किया तथा कार्यक्रम का संयोजन डॉ. साधना सचदेवा द्वारा किया गया। अंत में कार्यक्रम की संयोजक डॉ. साधना सचदेवा ने आभार व्यक्त किया। समापन अवसर पर सभी ने गुरुजनों के आदर्शों पर चलने, नैतिक मूल्यों के पालन, नशा मुक्ति एवं राष्ट्रहित में योगदान देने की शपथ ली। इसके पश्चात राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण किया गया।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी डॉ. स्मिता चैतन्य सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुल 523 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।



No comments:
Post a Comment