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Tuesday, July 28, 2026

न्यूटिमा हॉस्पिटल में मरीज की मौत पर हंगामा, निदेशक डॉ. संदीप गर्ग ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति, लगाए गए आरोपों को बताया निराधार

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। गढ़ रोड स्थित न्यूटिमा हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है। अस्पताल के निदेशक और नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. संदीप कुमार गर्ग (एम.डी., डी.एम.) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। डॉ. गर्ग ने कहा है कि हाल ही में प्रकाशित / सोशल मीडिया पर वायरल समाचार तथ्यों से परे है, इसलिए स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।

क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसार, यह मामला एक ऐसे मरीज से जुड़ा है जिसकी हालत बेहद गंभीर थी। परिजनों का आरोप था कि इलाज के दौरान डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे और लापरवाही बरती गई। जिसके बाद मामला मीडिया में आया।

इसी के जवाब में अस्पताल ने यह प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।
अस्पताल का पक्ष - डॉ. संदीप गर्ग ने क्या कहा ?
डॉ. गर्ग ने विज्ञप्ति में 5 प्रमुख बिंदुओं पर सफाई दी है:

1. डॉक्टर की उपलब्धता पर: घटना के दिन मैं पूरे समय उपलब्ध था और दोपहर लगभग 2:30 से 3:00 बजे तक स्वयं अस्पताल में मौजूद रहा। इस दौरान मुझे किसी भी प्रकार का फोन या सूचना प्राप्त नहीं हुई कि कोई इमरजेंसी है।

2. मरीज की पहले से गंभीर बीमारी: संबंधित मरीज लंबे समय से शराब का सेवन करने वाला (Chronic Alcoholic) था और Acute Pancreatitis जैसी अत्यंत गंभीर और जीवन-घातक बीमारी से ग्रसित था।

3. पहले से ही Cardiac Arrest हो चुका था: मरीज न्यूटिमा आने से पहले लगभग तीन दिनों तक एक अन्य अस्पताल में भर्ती रहा था। हमारे अस्पताल में लाए जाने से पहले ही उसे वहां एक बार Cardiac Arrest हो चुका था।

4. न्यूटिमा में भी दो बार आया अटैक, परिजनों को दी गई थी जानकारी: डॉ. गर्ग के अनुसार, न्यूटिमा में भर्ती होने के बाद भी मरीज को दो बार Cardiac Arrest हुआ। मरीज की अत्यंत गंभीर स्थिति के बारे में परिजनों को स्पष्ट रूप से अवगत करा दिया गया था और बताया गया था कि बचने की संभावना लगभग न के बराबर है। अस्पताल के पास इस पूरी काउंसलिंग का वीडियो सहित साक्ष्य मौजूद है। सभी जानकारी के बाद परिजनों ने ही लिखित सहमति देकर इलाज जारी रखने को कहा।

5. मानकों के अनुरूप इलाज: सहमति के बाद चिकित्सकीय टीम ने स्थापित चिकित्सा मानकों के अनुरूप हरसंभव प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश सभी प्रयासों के बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सका।

डॉ. गर्ग ने अंत में कहा, "अतः मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप पूर्णतः निराधार एवं तथ्यों से परे हैं। यदि कोई सक्षम प्राधिकारी इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराना चाहता है तो हमें उसका पूर्ण स्वागत है। हमें विश्वास है कि जांच में सत्य सामने आएगा और हमारा अस्पताल प्रत्येक स्तर पर पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।"

आगे क्या ?
फिलहाल अस्पताल ने जांच के लिए पूरी तरह सहयोग की बात कही है। मेरठ में प्राइवेट अस्पतालों पर लापरवाही के आरोपों के बीच सीएमओ कार्यालय द्वारा अक्सर ऐसे मामलों में जांच कमेटी बैठाई जाती है। इस मामले में भी निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

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