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Wednesday, July 8, 2026

हुनर को मिले नए औजार तो रोजगार ने भरी तेज उड़ान

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत गत वर्ष 1250 कारीगरों को दी गई टूलकिट*

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना एक बार फिर मेरठ के पारंपरिक कारीगरों के लिए उम्मीद लेकर आई है। बढ़ई, लोहार, सुनार, दर्जी, कुम्हार, मोची, नाई, राजमिस्त्री, हलवाई समेत विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को इस वर्ष आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा। जिले में 1500 कारीगरों को आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इन दिनों प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है।

योजना के तहत चयनित कारीगरों को उनके व्यवसाय से संबंधित आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और उद्यमिता विकास की जानकारी भी दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थियों को उनके कार्य के अनुरूप आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने व्यवसाय को अधिक दक्षता और प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ा सकें। योजना का असर मेरठ में पहले ही दिखाई देने लगा है। वित्त वर्ष 2025-26 में जिले के 1250 कारीगरों को आधुनिक टूलकिट वितरित की गई थी। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार शुरू करने और अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद दी गई। आधुनिक उपकरण और आसान वित्तीय सहायता मिलने से अनेक कारीगरों की आय बढ़ी है और उनके उत्पादों की बाजार में मांग भी मजबूत हुई है।

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र ने इस वर्ष भी अधिक से अधिक पात्र कारीगरों को योजना से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। इच्छुक अभ्यर्थी विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर प्रशिक्षण में शामिल हो सकते हैं। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पारंपरिक कारीगर आधुनिक तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और अपने हुनर को नए बाजार तक पहुंचाएं।

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, मेरठ के उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडे ने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना पारंपरिक कारीगरों के कौशल को आधुनिक तकनीक और वित्तीय सहायता से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में 1250 कारीगरों को टूलकिट उपलब्ध कराई गई थी और पात्र लाभार्थियों को मुद्रा ऋण से भी जोड़ा गया। 

इस वर्ष जिले में 1500 कारीगरों को टूलकिट वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पात्र कारीगरों से समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की।

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