Breaking

Your Ads Here

Sunday, July 26, 2026

"मुशायरा बयादे बी.एस. जैन जौहर मेरठी" का शानदार आयोजन, शायरी की शाम ने बांधा समां

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। शायरी और कविता की एक ऐसी शाम जिसकी छाप सुनने वालों के दिलो-दिमाग पर लंबे समय तक रहेगी। जब शायरी सुरमई शाम की तरह अपना असर दिखाने लगी तो श्रोता उसमें डूबते चले गए।

यह महफिल हम ख्याल फाउंडेशन द्वारा "मुशायरा बयादे बी.एस. जैन जौहर मेरठी" के नाम से आयोजित की गई। मुशायरे का संयोजन एडवोकेट इरशाद बेताब ने किया और सरपरस्ती हाजी आदिल चौधरी साहब ने की। कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन दिल्ली से आए मशहूर शायर दानिश अयूबी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हसीन अहमद सैफी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सैफी संघर्ष समिति पंजीकृत) ने दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षता वरिष्ठ शायर जनाब असरार उल हक असरार किठोरवी साहब ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के उर्दू विभागाध्यक्ष प्रोफेसर असलम जमशेदपुरी साहब मौजूद रहे।

अपने संबोधन में प्रो. असलम जमशेदपुरी ने कहा कि "साहित्य समाज का दर्पण है। कवि-शायर समाज में जो देखता है, वही लिखता है। एक शायर को चाहिए कि वह सामाजिक समरसता और एकता की बात करे, जिससे समाज में प्रेम भाव बना रहे।"

शायरों ने पढ़ा अपना कलाम -

इरशाद बेताब ने पढ़ा -
अच्छा होना दिल का कोई अच्छा होना है,
जिसमें जितना ज़र्फ़ उसे उतना ही रोना है।
मेरे दिल की क़ीमत क्यों कर आंक रही दुनिया,
ये बेताब का दिल क्या कोई चांदी सोना है।

गुलावठी से आए शायर गुफरान राशिद ने कहा -
मेरे शेरों में उसका बदन ढल गया,
मेरी नजरों ने जिसको छुआ भी नहीं।

फलावदा से आए मिर्जा हसीमुद्दीन हमदम ने पढ़ा -
ज़िंदगी ने मौत की दहलीज़ पर पहुंचा दिया,
मिलने वाले मेरे जीने की दुआ करते रहे।

संचालक दानिश अयूबी ने पढ़ा -
फूल से नाजुक कहा जाता है बेटी को मगर,
हम गरीबों के लिए पत्थर से भी भारी है।

सदारत कर रहे असरार उल हक असरार ने सुनाया -
जब वो रुखसत हो गए हम से तो याद आया हमें,
उनसे ए असरार कुछ कहना भी था सुनना भी था।

इसके अलावा प्रोफेसर यूनुस ग़ाज़ी, अमीरुद्दीन अमीर खतौलवी, कादिर किठौरवी, साकिब मेरठी, रहमत अली रहमत अशोक आदि ने भी अपनी शायरी से श्रोताओं को वाह-वाह करने पर मजबूर कर दिया। 

अंत में आयोजकों ने सभी श्रोताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए जो भाईचारे का संदेश देते हैं। इस अवसर पर शाहिद चौधरी, डॉक्टर इरशाद अंसारी, दिलशाद सैफी, अफ़ाक अहमद खान, मौ. सलीम सैफी, इमरान नसीर, यूसुफ सैफी, नौशाद सैफी, आसिफ सैफी, इमरान सिकन्दर सहित शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here