रवि गौतम
नित्य संदेश, परीक्षितगढ़ (मेरठ)। किला परीक्षितगढ़ में 24 जुलाई को श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हुए दर्दनाक हादसे को लेकर बिजली विभाग ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग ने किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है।
विभाग के अनुसार हादसे के समय दोपहर करीब 1:15 बजे संबंधित फीडर तत्काल ट्रिप हो गया था, जिससे और बड़ी अनहोनी टल गई। सूचना मिलते ही विभाग के सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया।
किला परीक्षितगढ़ के उपखंड अधिकारी शांतनु व अवर अभियंता विद्या सागर के अनुसार जिस विद्युत लाइन से हादसे को जोड़ा जा रहा है, उसकी ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप थी। तार पूरी तरह कसा हुआ और सही स्थिति में था, जो घटना के तुरंत बाद बनाए गए वीडियो में भी स्पष्ट दिखाई देता है। विभाग का कहना है कि जो तार नीचे झूलता हुआ दिखाई दे रहा है, वह बिजली का तार नहीं बल्कि वाई-फाई / नेट का तार है।
बिजली विभाग ने बताया कि आयोजकों द्वारा तैयार किए गए रथ की ऊंचाई लगभग 20 फीट से अधिक थी, जो सामान्य से काफी ज्यादा थी। साथ ही रथ यात्रा के आयोजन और उसके मार्ग की जानकारी भी आयोजकों द्वारा पहले से बिजली विभाग को नहीं दी गई थी। यदि पूर्व सूचना मिलती तो विभाग द्वारा आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा सकते थे। जांच के दौरान हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई 19.6 फीट पाई गई।
गौरतलब है कि 24 जुलाई को रथ यात्रा के दौरान करंट लगने से सचिन नामक युवक की मौत हो गई थी, जबकि 11 श्रद्धालु घायल हो गए थे। घायलों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में कराया गया था। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया विभागीय लापरवाही सामने नहीं आई है और जांच में सभी तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
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