-एडीजी की नाराजगी के बाद एसएसपी ने की कार्रवाई, सीओ से मांगा स्पष्टीकरण
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। परीक्षितगढ़ में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हुए हादसे की गाज थानाध्यक्ष
सुदीश सिरोही पर गिर गई है। एडीजी भानु भास्कर की नाराजगी के बाद एसएसपी ने सुदीश को
सस्पेंड कर दिया है। इस मामले में सीओ सदर देहात से भी लिखित में स्पष्टीकरण मांगा
गया है। हादसे में थाना पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को परीक्षितगढ़ में कथा संपन्न होने के बाद जगन्नाथ रथ यात्रा
का आयोजन किया गया था। रजवाहे पटरी के पास यात्रा का रथ ऊपर से जा रही हाई टेंशन लाइन
से लग गया। जिससे रथ में करंट उतर आया। जितने भी लोग रथ पर मौजूद थे वह करंट की चपेट
में आ गए। 25 वर्षीय सचिन प्रजापति की करंट से मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग झुलस
गए। जैसे ही अधिकारियों को हादसे की जानकारी लगी, वह परीक्षितगढ़ पहुंच गए। एसएसपी
की तरफ से मामले की जांच बैठा दी गई। मामला अनुमति से जुड़ा था, इसके बावजूद केवल चौकी
इंचार्ज पर गाज गिराकर खानापूर्ति कर दी गई।
एडीजी ने हादसे पर जताई थी नाराजगी
एडीजी भानु भास्कर ने कांवड़ को लेकर मीटिंग बुलाई, जिसमें परीक्षितगढ़ की जगन्नाथ
रथ यात्रा में हुए हादसे का मुद्दा भी उठा दिया गया। उन्होंने इस हादसे के लिए थाना
पुलिस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। कहा कि अनुमति के दौरान ही रथ की ऊंचाई क्यों
नहीं चेक की गई? सबसे बड़ी बात यह रही कि यात्रा के दौरान पुलिस मौजूद थी, फिर भी हादसे
की संभावनाओं को नजरअंदाज कर दिया गया। इसी के चलते देर रात थानाध्यक्ष को सस्पेंड
कर दिया गया।
सीओ से भी मांगा गया घटना पर स्पष्टीकरण
एडीजी ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सीओ की लापरवाही भी मानी। उन्होंने कहा कि ऐसे
समय में जब कांवड़ यात्रा से जुड़ी तैयारी चल रही है तो सीओ को खुद ही इस रथ यात्रा
को गंभीरता से लेना चाहिए था, लेकिन सीओ स्तर से भी लापरवाही बरती गई। एडीजी की नाराजगी
के बाद एसएसपी अविनाश पांडे ने सीओ से भी स्पष्टीकरण मांगा है।

No comments:
Post a Comment