• श्री तिरुपति बालाजी की तर्ज पर इस वर्ष पूर्ण ब्रम्होत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव, तिरुपति के सप्त द्वार में भक्त करेंगे प्रवेश
• लाइट से जगमगाते शंख चक्र तिलक रहेंगे आकर्षण का केंद्र
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। विदित है कि पूरे देश भर ओर इंदौर शहर में इस पावन उत्सव का वर्ष भर इंतजार बना रहता है। उत्सव सानंद सम्पन्न हो। इस हेतु पूर्व में 9 जुलाई को सायंकाल में श्री विश्वकसेन प्रभु का पूजन किया जाएगा। साथ ही श्री वेंकटेश महिला मंडल द्वारा दोपहर 3 बजे से संगीतमय सुंदरकांड बड़े भाव से किया जाएगा।
दिनांक 10 जुलाई को प्रातः काल में ध्वजारोहण अनन्त श्रीविभूषित श्रीमद्जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीनागोरियापीठाधिपति स्वामीजी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्यजी महाराज के द्वारा सम्पन्न किया जाएगा ओर इसी के साथ श्री ब्रम्होत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर श्रीरंगम् से आये नादस्वरम् वाद्ययंत्र भी गोविन्दा की मधुर धुन गुंजायमान करेंगे। साथ शेषावतार श्री रामानुज स्वामीजी महाराज का रजत कलशों की सहस्त्रधारा से महाभिषेक किया जावेगा। रात्रि के सत्र में श्री रामानुज स्वामीजी महाराज की सवारी मंदिर परिसर में निकलेगी व सुमधुर भजनों की प्रस्तुति व स्तोत्र पाठ होंगे ।
11 जुलाई को भगवती श्रीमहालक्ष्मीजी का महाभिषेक साथ ही 500 जोड़े भगवती श्री महालक्ष्मी जी की सामूहिक कुमकुम अर्चना देवस्थान में प्रातः काल में ॐ श्री श्रियै नमः के मंत्रोच्चार के साथ करेंगे। साथ ही स्वर्ण पुष्प, रजत पुष्प, रजत तुलसी, केशर व सभी प्रकार के पुष्पों द्वारा भी 1008 नामों से अर्चना होगी। साथ ही इस दिन विशेष रूप से रजत कलश जिनमें दूध, दही, घी, शक्कर, इत्र, चंदन, पवित्र नदियों का जल सुगंधित द्रव्य पदार्थ से भगवती श्रीमहालक्ष्मीजी का महाभिषेक होगा। रात्रि के सत्र में भगवती श्रीमहालक्ष्मीजी की स्वर्ण मंगलगिरी पर शोभायात्रा निकलेगी जिसमें मधुर भजनों की प्रस्तुति होगी।
12 जुलाई को भगवान श्रीवेंकटेशजी का महाभिषेक होगा और छत्रीबाग में निकलेगी छोटी रथयात्रा। इस दिन प्रातः काल में प्रभु वेंकटेशजी का तिरुमंजन अभिषेक रजत कलशों की सहस्रधारा से किया जाएगा। साथ ही संत सभा का आयोजन होगा रात्रि सत्र में प्रभु वेंकटेशजी की छोटी रथयात्रा भक्तों को दर्शन देने हेतु छत्रीबाग भ्रमण में निकलेगी। पूरे छत्रीबाग को सजाया जाएगा, यात्रा गाजे-बाजे और भजनों के साथ निकलेगी जिसका पुष्पो से।स्वागत पूरे मार्ग पर किया जाएगा।
13 जुलाई को विशेष रुप से वसंतोत्सव - तिरुपावड़ा उत्सव देवस्थान में होगा। वसंतोत्सव में प्रभु श्रीवेंकटेशजी का चंदन पावडर, हल्दी, आंवला, अरीठा से महाभिषेक किया जावेगा । तत्पश्चात् तिरुपावड़ा जिसमें इमली के चांवल से निर्मित तिरुपती बालाजी के दर्शन भक्तों को होंगे और इमली चांवल का प्रसाद भक्तों को मिलेगा । सायंकाल सत्र में गरुड़ वाहन पर प्रभु वेंकटेशजी की शोभायात्रा निकलेगी जिसके मनमोहक दर्शन भक्तों को होंगे।
14 जुलाई को प्रभु वेंकटेशजी का कल्याण उत्सव, विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा जिसमें प्रभु रंगनाथ जी की बारात निकलेगी विवाह की धूम मचेगी। साथ ही प्रभु श्रीवेंकटेशजी का पूरे राजोपचार के साथ विवाहोत्सव मनाया जावेगा। रात्रि के सत्र में परकाल स्वामी की लीला का सुंदर आयोजन होगा। जिसमें परकाल स्वामी भगवान को लूट कर ले जाते है । परकाल स्वामी की कथा नाटिका के मंचन के रूप से दिखाई जावेगी ।
15 जुलाई को मनोहरी पुष्प बंगले में प्रभु वेंकटेशजी के मनमोहक दर्शन भक्तो को होंगे जिसमे कई हजारो की संख्या में भक्त कतारबद्ध होकर दर्शन करेंगे। सर्वप्रथम शहर को पुष्प बंगले की सौगात देने वाले श्रीलक्ष्मी - वेंकटेश देवस्थान में इस वर्ष भी वृन्दावन के मुख्य कलाकारों और साथ ही इन्दौर के कलाकारों द्वारा सुगंधित पुष्पों व ना-ना प्रकार की वस्तुओं द्वारा प्रभु वेंकटेश का दिव्य पुष्प बंगला सजाया जाएंगा। आज भी देवस्थान के दिव्य पुष्प बंगले के दर्शन हेतु सभी श्रृद्धालुओं को वर्षभर इंतजार रहता है, बल्कि पूरे देशभर से आये भक्त और भारत के बाहर भी भक्त ऑनलाईन दर्शन के लिए इंतजार रहता है, क्योंकि यहाँ हर वर्ष कुछ नया होता है। इस वर्ष भी नए व अनुपम रूप में पुष्प बंगले में दर्शन करने को मिलेंगे और नज़ारा ऐसा अदभुत होगा कि देवस्थान कुछ अलग ही नजर आयेगा।
16 जुलाई जो की सनातन संस्कृति में एक अदभुत दिवस है। प्रभु की दूज का उत्सव जिसमें स्वयं प्रभु अपनी प्रजा का हाल जानने स्वयं रथारूढ़ होकर सनातन संस्कृति की परम्परागत व सम्पूर्ण मनोरथों को पूर्ण करने वाली देश की तीसरी गौरवशाली रथयात्रा में देवस्थान से निकलेंगे
प्रचार प्रमुख पंकज तोतला ने बताया आज देवस्थान पत्रकार वार्ता में ब्रम्होत्सव कमेटी के प्रमुख रविन्द्र धुत सत्यनारायण शर्मा, रमेश चितलांगया, घनश्याम झंवर, महेंद्र नीमा, पुखराज सोनी, सुमीत मंत्री, गोपाल नागोरी, भरत तोतला, पवन भलिका, प्रकाश फोफलिया, अजय लाहोटी, राजेन्द्र सोनी, अशोक डागा, कैलाश मुंगड, पवन व्यास, संपत धुत, मनोज दाधीच मौजूद रहे।
देश की तीसरी बड़ी गौरवमयी रथयात्रा जो लगभग 78 वर्षों से परम्परागत सतत् निकल रही है। इस मनोहारी रथयात्रा में प्रभु वेंकटेशजी रजत रथ जो कि वर्ष एक बार निकलता है उस पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने निकलते है और भक्त प्रभु की अगवानी बड़े सुंदर स्वरुप में करते है । इस वर्ष झाँकियों के माध्यम से प्रभु भक्ति व दक्षिण भारत के वाद्य यंत्रों की झलक नजर आयेगी। सभी समाजजन भी अपनी-अपनी समितियों के रथयात्रा में शामिल होंगे। सभी संस्थाओं एवं व्यापारी गण द्वारा अनेक मंच लगाकर यात्रा का स्वागत किया जावेगा।



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