नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। जमीयत उलेमा जिला मेरठ के तत्वावधान में आठ विभागों की संयुक्त जिला कार्यशाला रविवार को अत्यंत अनुशासन और धार्मिक व संगठनात्मक माहौल में आयोजित हुई। कार्यशाला का मुख्य फोकस हर मस्जिद को 'आदर्श मस्जिद' बनाना और हर मस्जिद के साथ संगठित मकतब की स्थापना रहा। कार्यशाला की अध्यक्षता जमीयत उलेमा जिला मेरठ के अध्यक्ष हजरत मौलाना नबील अहमद कमालपुरी ने की, जबकि संचालन मुफ्ती मोहम्मद शादाब अशरफी ने किया। शुभारंभ कारी मोहम्मद आसिफ की तिलावते-कुरआन से हुआ।
हकीमुद्दीन साहब बोले - हक को जरूर विजय मिलती है
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव हजरत मौलाना हकीमुद्दीन साहब ने कहा कि ईमान वालों को हर हाल में सब्र व दृढ़ता के साथ रसूल अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के रास्ते को मजबूती से थामे रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जुल्म हमेशा बाकी नहीं रहता, अल्लाह तआला हक को जरूर विजय प्रदान फरमाता है, इसलिए मुसलमानों को दावत, सुधार और खिदमत-ए-खल्क के मैदान में अडिग रहना चाहिए।
हर मस्जिद बने मिसाली मस्जिद
जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश के सचिव तंजीम मुफ्ती जफर अहमद ने कहा कि हर जिला अपनी हर मस्जिद को आदर्श मस्जिद बनाने का संकल्प ले, जहाँ तालीमे-कुरआन, संगठित मकातिब, समाज सुधार और जनसेवा की प्रभावी व्यवस्था हो। दीनी तालीमी बोर्ड के संयोजक मुफ्ती शोएबुल्लाह साहब ने प्रेजेंटेशन में कहा कि संगठित मकातिब नई पीढ़ी के ईमान और धार्मिक पहचान की सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं।
व्यावहारिक सत्र में मुफ्ती मोहम्मद अखलाक ने समाज सुधार पर, जबकि मुफ्ती अबू फजैल साहब ने 'जमीयत स्टडी सेंटर' की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। पश्चिमी यूपी के महासचिव कारी मोहम्मद यामीन ने सुन्नते-नबवी पर अमल, सादा जीवन और फिजूलखर्ची से बचने की ताकीद की। कार्यशाला में कारी अब्दुल मुईद चौधरी सचिव जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश, समेत जिला व तहसील इकाइयों के अध्यक्ष, संयोजक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अंत में जिला अध्यक्ष मौलाना नबील अहमद कमालपुरी ने आभार व्यक्त किया और मुफ्ती जफर अहमद साहब की दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर सभी आठ विभागों द्वारा आदर्श मस्जिदों और संगठित मकातिब की स्थापना के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करने का संकल्प दोहराया गया।

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