
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। पश्चिम रिंग रोड परियोजना से प्रभावित किसानों के हितों की रक्षा एवं न्यायोचित मुआवजे की मांग को लेकर 39 गाँव के किसान क़रीबन 800 ट्रैक्टर और इतनी ही कार के साथ करणी सेना परिवार के नेतृत्व में प्रभावित किसानों द्वारा इंदौर से भोपाल तक किसान ट्रैक्टर रैली निकाली जा रही है। इस रैली के माध्यम से किसान अपनी समस्याओं एवं मांगों को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखेंगे।
किसानों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। प्रदेश के विकास के लिए किसान सदैव अपनी भूमि, श्रम और योगदान देने को तैयार रहे हैं। किंतु विकास के नाम पर किसानों के अधिकारों, सम्मान और आजीविका से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। किसानों की मांग है कि विकास कार्य कानूनसम्मत, पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण तरीके से किए जाएं तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा एवं पुनर्वास का अधिकार मिले।
रैली के दौरान मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में प्रमुख मांगें शामिल हैं- पश्चिम रिंग रोड परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि का वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार चार गुना मुआवजा, भूमिहीन होने वाले किसानों के लिए विशेष पुनर्वास एवं रोजगार पैकेज, भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में निष्पक्ष मध्यस्थता, इंटरचेंज निर्माण के नाम पर अनावश्यक अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण पर रोक, किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना एवं खाद की कीमतों में राहत, तथा नीलगाय एवं अन्य जंगली पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान का स्थायी समाधान।
करणी सेना परिवार ने कहा कि यह ट्रैक्टर रैली किसी प्रकार का टकराव या विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से किसानों की आवाज़ सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनेगी और न्यायोचित निर्णय लेकर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करेगी।
करणी सेना परिवार ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि पश्चिम रिंग रोड परियोजना से प्रभावित किसानों के हितों की रक्षा करते हुए पारदर्शी एवं न्यायसंगत निर्णय लिया जाए, ताकि विकास और किसान हित दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकें।
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