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Saturday, July 18, 2026

विद्या यूनिवर्सिटी में हुआ आईएमसीटीएफ का फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, सांसद अरुण गोविल ने किया शिक्षकों का मार्गदर्शन



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। इनिशिएटिव फॉर मोरल एंड कल्चरल ट्रेनिंग फाउंडेशन (आईएमसीटीएफ) की ओर से शनिवार को विद्या यूनिवर्सिटी परिसर में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेरठ क्षेत्र के 50 से अधिक विद्यालयों के 100 से अधिक शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल रहे। उनके साथ विद्या यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रदीप कुमार जैन, नेस्ट मैन ऑफ इंडिया राकेश खत्री तथा मेमोरी गुरु सुधांशु सिंघल ने शिक्षकों को संबोधित किया।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं आईएमसीटीएफ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. विष्णु शंकर ने मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के व्यक्तित्व विकास एवं नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को छह वर्गों में विभाजित कर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के प्रमुख विषयों में देशभक्ति भाव जागरण, नारी सम्मान अभिवृद्धि, वन एवं वन्य जीव संरक्षण, पारिस्थितिकी संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा पारिवारिक एवं मानवीय मूल्यों का संवर्धन शामिल रहे। इस मौके पर मुख्य अतिथि सांसद अरुण गोविल ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्र के चरित्र का निर्माता होता है। जब शिक्षक स्वयं नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को अपनाता है, तभी वह विद्यार्थियों में संस्कारों का प्रभावी संचार कर सकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं, जो शिक्षा को संस्कारों से जोड़ते हैं।



वहीं विद्या यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रदीप कुमार जैन ने कहा कि विद्या यूनिवर्सिटी का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि नैतिक एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से युक्त नागरिक तैयार करना भी है। नेस्ट मैन ऑफ इंडिया राकेश खत्री ने कहा कि प्रकृति और पक्षियों का संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। शिक्षकों के माध्यम से बच्चों में जैव विविधता और पर्यावरण के प्रति प्रेम विकसित किया जा सकता है। मेमोरी गुरु सुधांशु सिंघल ने कहा कि प्रभावी शिक्षण के लिए स्मरण शक्ति, सकारात्मक सोच और एकाग्रता अत्यंत आवश्यक है। यदि शिक्षक आधुनिक तकनीकों के साथ वैज्ञानिक स्मृति-विकास की विधियों को अपनाएं तो विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता कई गुना बढ़ाई जा सकती है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।



कार्यक्रम का संचालन मेरठ प्रांत के संयोजक कमलकांत ने किया। इस अवसर पर आईएमसीटीएफ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. विष्णु शंकर, सह संयोजक, मेरठ विश्व मोहन नौटियाल सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विजय जी, आशीष जी, संजय जी, विजय जी, यशवंत जी, एस.पी. सिंह जी, शिखा जी, नीता जी, अभिषेक जी एवं हेमलता जी सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों तथा कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।


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