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Thursday, July 23, 2026

यूपी रेरा का मंडल स्तरीय जागरूकता अभियान, घर खरीदारों को बताया सुरक्षित निवेश का मंत्र



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने अपनी उपभोक्ता जागरूकता मुहिम के तहत बुधवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में मंडल स्तरीय संवाद एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और घर खरीददारों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला की अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की, जबकि जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य केवल विवादों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, "जब उपभोक्ता पूरी जानकारी के साथ निर्णय लेता है तो उसका निवेश स्वतः सुरक्षित हो जाता है। किसी भी परियोजना में निवेश से पहले रेरा पोर्टल पर उपलब्ध जानकारियों का सत्यापन अवश्य करें। समस्या आने पर बिना देरी के यूपी रेरा से संपर्क करें।"


पावर पॉइंट से समझाया कानून

यूपी रेरा के प्रमुख सलाहकार श्री अबरार अहमद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेजेंटेशन देकर रेरा अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, शिकायत प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पहले से सत्यापन करने पर खरीदार धोखाधड़ी और प्रोजेक्ट में देरी जैसी समस्याओं से बच सकते हैं।


निवेश से पहले इन 8 बातों की जरूर करें जांच

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने निवेश से पहले इन बिंदुओं की जांच को जरूरी बताया -

1. प्रोजेक्ट की रेरा पंजीकरण संख्या और उसकी वैधता 

2. स्वीकृत मानचित्र और भूमि स्वामित्व के दस्तावेज 

3. परियोजना की वर्तमान प्रगति और प्रस्तावित पूर्णता तिथि 

4. प्रोजेक्ट का बैंक खाता और प्रमोटर का पिछला रिकॉर्ड 

5. रियल एस्टेट एजेंट का रेरा पंजीकरण 

6. आकर्षक और भ्रामक विज्ञापनों से बचें 


खरीदार के अधिकार और शिकायत का तरीका

विशेषज्ञों ने बताया कि हर खरीदार को सही जानकारी पाने, रेरा के निर्धारित प्रारूप में एग्रीमेंट फॉर सेल कराने, समय पर रजिस्ट्री व कब्जा पाने, देरी होने पर ब्याज और अनुबंध टूटने पर रिफंड व क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार है। फॉर्म-एम और फॉर्म-एन के जरिए शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। बताया गया कि यदि बिल्डर अनुबंध का पालन न करे, नक्शे में अवैध बदलाव करे, अनुचित पैसा मांगे, बिना कारण आवंटन निरस्त करे या प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत न हो, तो सीधे यूपी रेरा में शिकायत की जा सकती है। संवाद सत्र में घर खरीदारों ने देरी, कब्जा, रजिस्ट्री, रिफंड और ब्याज से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अध्यक्ष और सलाहकार ने समाधान किया।


अंत में उपाध्यक्ष, मेरठ विकास प्राधिकरण श्री संजय कुमार मीणा ने सभी का आभार व्यक्त किया। यूपी रेरा ने घोषणा की कि इस तरह के जागरूकता अभियान अब प्रदेश के सभी मंडलों में नियमित रूप से चलाए जाएंगे। इस अवसर पर रेरा मुख्यालय से सचिव महेंद्र वर्मा, तकनीकी सलाहकार संजय तिवारी, वित्त सलाहकार सुधांशु त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी ऑनलाइन जुड़े, जबकि मेरठ से रियल एस्टेट प्रमोटर्स, गृह क्रेता और विभिन्न विभागों के अधिकारी सभागार में मौजूद रहे।

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