• रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, छात्र छात्राएं, सिर मुंडवाए
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। नीट पेपर लीक सहित 23 सूत्रीय मांगों को लेकर इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर पिछले 14 दिन से प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट अब बड़े आंदोलन के मूड में आ चुके हैं। स्टूडेंट रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और गेट के सामने सड़क पर बैठ गए। घंटे से जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई न होने से नाराज स्टूडेंट ने सिर मुंडवाना शुरू कर दिया है। वे नीट पेपर लीक में दोषियों पर कार्रवाई सहित 23 मांगें पूरी करने पर अड़े हैं। रैली और प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक भी शामिल हुए हैं।
टंट्याभील चौराहे पर चल रहे स्टूडेंट्स के धरना प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी का भी समर्थन मिल चुका है। अब स्टूडेंट्स द्वारा इस प्रदर्शन का बड़ा रूप दिया जा रहा है और महाआंदोलन के रूप में मंगलवार को प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स से पार्टी से प्रमुख अभिजीत दीपके ने वीडियो कॉल से बात की थी और स्टूडेंट्स के हालचाल भी जाने थे।
आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी पार्टी समर्थक राहुल राठौर भी मौजूद है। वह भी इस आंदोलन में स्पोर्ट करने आए हैं। इसके अलावा वह रोज बाइक राइड कर युवाओं को जागरूक करने का काम करते हैं।
छात्रों एवं युवाओं की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर टंट्या भील चौराहा, इंदौर पर पवन अहिरवार एवं अरुण बड़ोले के नेतृत्व में 23 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया गया। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने भाग लेकर सरकार एवं प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा।
आंदोलन के दौरान NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, NTA को तत्काल भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, सभी रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, छात्रवृत्ति एवं आवास योजना की राशि समय पर जारी करने, MPESB की नेगेटिव मार्किंग समाप्त करने तथा अन्य छात्र हितों से जुड़ी 23 प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
साथ ही आकांक्षा योजना में सामने आई अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आंदोलनकारियों ने मांग की कि आकांक्षा योजना में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, कोचिंग टेंडर प्रक्रिया की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर उसे निरस्त किया जाए तथा विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के 24 माह की गुणवत्तापूर्ण कोचिंग सुविधा सुनिश्चित की जाए।
नेतृत्व कर रहे पवन अहिरवार एवं अरुण बड़ोले ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य, शिक्षा एवं रोजगार के अधिकार की लड़ाई है। यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।






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