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Tuesday, July 14, 2026

श्रीगोदा रंगनाथ विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया

14 जुलाई को सायंकाल 7 बजे से पुष्प बंगले में प्रभु वेंकटेश के होंगे मनोहारी दर्शन


नवीन मौर्य

​नित्य संदेश, इंदौर। शहनाई वादक की मधुर धुन, सखियों द्वारा गीतों का मधुर गान—'पधारे गोदाजी के द्वार रंगजी', 'कोई गोदा की नज़र उतारो रे', 'जादू मत डालो', 'मुझे रंगनाथ की दुल्हन बना दो'। भगवती गोदाम्बाजी को कंकण, बाजूबंद, रत्न जड़ित मालाएं, बोर, रत्नों से जड़ित मुकुट, कमरबंद, चोटिला, पायल और भी कई अति सुभाषित अलंकारों से गोपियों द्वारा श्रृंगारित कर भगवती श्री श्रीदेवी, श्री श्री भूदेवी को अपने हाथों में विराजित कर श्री नागोरिया पीठाधिपति स्वामी श्री विष्णुप्रपन्नाचार्यजी महाराज के साथ अनेक संतों की उपस्थिति में विवाह मंडप में पधारीं। वहीं प्रभु रंगनाथ घोड़े पर सज-धजकर गदा, पद्म, कटार धारण कर दूल्हा बनकर 'गोविंदा-गोविंदा' के जयघोष के साथ बारात में निकले। साथ ही बाजे-गाजे व ढोलक की थाप पर सभी युवा-युवतियां डांडिया, मटकी, रास करने में मदमस्त थे। साथ ही अश्व पर विराजे प्रभु वेंकटेश को भी ढोलक की थाप पर बहुत नचाया गया। सारे बाराती व घराती, पुरुषों से लेकर महिलाओं तक, साफे में सजे-धजे नजर आ रहे थे।

विवाह में वधु पक्ष के यजमान (हैदराबाद से पधारे नागोरिया शिष्य वृन्द परिवार) ने वर पक्ष (रमेश चितलांगया परिवार) का स्वागत-सत्कार किया। भट्टर स्वामी द्वारा विवाह का संकल्प कराया गया। श्री वेणुगोपाल संस्कृत पाठशाला के आचार्यों व विद्यार्थियों द्वारा गोदा स्तोत्र, गुरु परंपरा, आळवन्दार स्तोत्र, वेंकटेश स्तोत्र, तिरुप्पावै का पाठ किया जा रहा था। साथ ही भजन गायक द्वारकादास मंत्री के भजनों की मधुर धुन पर 'वेंकट रमण गोविंदा गोविंदा', 'पधारो म्हारे देस' के साथ 'मेहंदी लागी म्हारा हाथां में', 'चांदी चांदी हो गयी', 'रंगजी बन्ना की गोधा बनी रे दुल्हनिया' और 'नगरी आज रंगजी दौड़-दौड़कर', 'बहारो फूल बरसाओ मेरे रंगनाथ आये हैं' की धुन पर सभी सजी-धजी महिलाओं ने खूब जमकर आनंद लिया।


वहीं प्रभु रंगनाथ ने तोरण लगाकर विवाह मंडप में बारातियों के साथ प्रवेश किया। वधु पक्ष द्वारा भगवती श्रीगोदाम्बाजी को गोपियों द्वारा सजा-धजाकर विवाह मंडप में विराजमान किया गया। भट्टर स्वामी के समूह द्वारा भगवान को रक्षासूत्र बांधने के साथ दक्षिण भारतीय पद्धति से विवाह की सभी रस्में शुरू हुईं; जिसमें मामेरा भरना, वस्त्रों का आदान-प्रदान, वरमाला, मंगलसूत्र, मांग भराई, जूते चुराने के क्रम के साथ व सात फेरों के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी कराई गईं। विवाह पश्चात श्री स्वामीजी महाराज द्वारा प्रभु गोदा रंगनाथ की आरती की गई। सभी भक्तों को बधाई व गोष्ठी (प्रसाद) वितरण किया गया।

इस अवसर पर महेंद्र नीमा, भारत तोतला, राहुल काबरा, अंकित पाठक, निधीश नागोरी, विजय सोमानी, आशीष बाहेती, संपत धुत, कैलाश मूंदड़ा, रोहित काकाणी, शरद चिचानी, सौरभ नवाल, श्याम सुंदर गिल्डा, विजय हेड़ा उपस्थित थे।

15 जुलाई 2026 के उत्सव:

  • प्रातः 9 बजे से: देवस्थान में प्रणय कलह लीला होगी जिसमें भगवान की सवारी निकलेगी। लक्ष्मीजी भगवान के ऊपर माखन फेंकेंगी, गेंद से खेलेंगे, भगवान अनेक प्रकार के वस्त्र बदलेंगे। प्रभु की इस प्रणय कलह लीला का सुंदर चित्रण किया जाएगा।

  • सायंकाल 7 बजे से: पुष्प बंगले में प्रभु वेंकटेश के मनोहारी दर्शन होंगे, जिसमें हजारों भक्त कतारबद्ध होकर प्रभु के दर्शन करेंगे। साथ ही प्रख्यात श्री राधाकृष्ण जी महाराज के भजनों की दिव्य प्रस्तुति होगी।

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