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Friday, July 24, 2026

शोभित विश्वविद्यालय में उत्साह के साथ मनाया गया विश्वविद्यालय दिवस ‘प्रज्ञा 2026’

डा. अभिषेक डबास

नित्य संदेश, मोदीपुरम। शोभित विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय समारोह ‘प्रज्ञा 2026’ का आज उत्साह और उल्लास के साथ समापन हुआ। यह विशेष दिवस विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. शोभित कुमार जी के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया गया। ‘प्रज्ञा 2026’ के माध्यम से विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग-सहयोग, सामाजिक सेवा और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में अपने संकल्प को दोहराया।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने अपने संदेश में कहा कि ‘प्रज्ञा 2026’ केवल विश्वविद्यालय दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. शोभित कुमार जी के दूरदर्शी विचारों और शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1924 में गंगोह में पहला विद्यालय स्थापित करने से लेकर आज तक की यात्रा का मूल उद्देश्य यही रहा है कि शिक्षा वहां तक पहुंचे, जहां उसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। विश्वविद्यालय की यह यात्रा शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ‘प्रज्ञा’ केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि वर्षभर निरंतर बेहतर कार्य करने का सामूहिक संकल्प है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी. के. त्यागी ने कहा कि ‘प्रज्ञा 2026’ शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को एक साथ जोड़ने वाली सार्थक पहल है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान के लिए तैयार करना है। मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. अरविंद कुमार, पूर्व कुलपति रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने और एक स्थायी भविष्य के निर्माण में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सतत कृषि खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि को केवल पारंपरिक व्यवसाय के रूप में न देखकर नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन के व्यापक अवसरों वाले क्षेत्र के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।

विश्वविद्यालय दिवस के अवसर पर दिन का शुभारंभ नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज के नवनिर्मित लीडरशिप ब्लॉक में हवन एवं यज्ञ के साथ हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा विश्वविद्यालय सभाकक्ष में महत्वपूर्ण उद्योग-शैक्षणिक सहयोग समझौता समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर लेमफोर्ड बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, मीनू पेपर मिल्स, हार्वेस्टिंग फार्मर्स नेटवर्क तथा आईसीटी अकादमी के साथ समझौते किए गए। इन सहयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुसंधान, प्रयोगशाला कार्य, प्रशिक्षण, औद्योगिक अनुभव, रोजगार सहायता और परामर्श के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा कि लेमफोर्ड बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. गौरव सिसोदिया तथा हार्वेस्टिंग फार्मर्स नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रुचित गर्ग शोभित विश्वविद्यालय के गौरवशाली पूर्व विद्यार्थी हैं। अपने ही विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर सफल उद्यमी के रूप में स्थापित पूर्व विद्यार्थियों का अपनी मातृ संस्था के विकास में सहभागी बनना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है।

प्रज्ञा 2026’ के सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाते हुए शोभित विश्वविद्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल के अंतर्गत ‘प्रोजेक्ट उम्मीद’ की शुरुआत की गई। इस पहल के तहत 25 दिव्यांग विद्यार्थियों की वार्षिक शैक्षणिक आवश्यकताओं का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय ने ली है। यह पहल विश्वविद्यालय की समावेशी एवं समान शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शारीरिक या सामाजिक परिस्थितियां किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों के मार्ग में बाधा न बनें। विश्वविद्यालय का मानना है कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी पूरी क्षमता को पहचानने एवं विकसित करने का समान अवसर मिलना चाहिए।

कार्यक्रम में प्रबंधन शिक्षा के 1995-97 बैच के पूर्व विद्यार्थियों ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें निरंतर सीखने, मेहनत करने तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं देश के विकास में करने के लिए प्रेरित किया। वहीं निदेशक प्रो. अशोक कुमार ने विश्वविद्यालय की प्रगति और उपलब्धियों का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर लॉ विभाग द्वारा वृद्धाश्रम एवं जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन वितरण कर सेवा और करुणा का संदेश दिया गया। समारोह का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्साह और उमंग का वातावरण बनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी निदेशक, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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