
नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को सीरियल धमाकों से दहलाने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़े एक साझा मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आतंकियों के निशाने पर देश के प्रमुख मंत्रालय, सुरक्षाबल और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थल थे।
नेपाल कनेक्शन और शूटरों के नाम आए सामने
स्पेशल सेल द्वारा कई राज्यों में की गई छापेमारी के बाद इस गिरोह के मुख्य चेहरों को दबोचा गया है:—
तौकीर रिजवान और साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान (मुंबई): ये दोनों सीधे पाकिस्तान में बैठे दाऊद के गुर्गों के संपर्क में थे और रेकी का काम संभाल रहे थे।
आंग कामी लामा (66 वर्ष, काठमांडू, नेपाल): थाईलैंड जेल में दाऊद के करीबी मुन्ना झींगड़ा से मिले इस नेपाली नागरिक को दिल्ली में 'सेफ हाउस' और फंड मैनेज करने का जिम्मा मिला था।
हरविंदर सिंह, मनजीत सिंह और गगनदीप सिंह (पंजाब): ये तीनों मुख्य शूटर और लॉजिस्टिक्स हैंडलर हैं, जिन्हें दिल्ली के मेहरौली-बदरपुर रोड से कार सहित दबोचा गया।
ड्रोन से आए थे हथियार, मंत्रालयों की हो चुकी थी रेकी
गिरफ्तार आतंकियों के पास से पुलिस ने 4 ऑस्ट्रिया-मेड ग्लॉक पिस्तौल, 25 कारतूस और 4 हाई-एक्सप्लोसिव हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। ये हथियार पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए पंजाब में गिराए गए थे। आरोपियों के मोबाइल से दिल्ली-मुंबई के संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के वीडियो और जीपीएस कोऑर्डिनेट्स मिले हैं, जिनकी ये लोग रेकी कर चुके थे।
7 दिनों की पुलिस रिमांड पर आरोपी
स्पेशल सेल ने मुख्य आरोपियों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां से देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए अदालत ने सभी को 7 दिनों की पुलिस कस्टडी (6 जून 2026 तक) में भेज दिया है। घटना के बाद से दोनों महानगरों में सुरक्षा अलर्ट जारी है।
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