नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इन्दौर। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के पूर्वी बायपास प्रोजेक्ट और इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों ने इंदौर कलेक्टोरेट के बाहर गंजी कंपाउंड में प्रदर्शन किया। इस दौरान दिव्यांग किसान ने अर्द्धनग्न होकर गर्म सड़क पर लोट लगाई तो गर्मी के कारण दो किसानों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल भेजा गया।
खंडवा रोड और आसपास के गांवों के किसान प्रदर्शन में शामिल हैं। उनका कहना है कि जब तक दोनों प्रोजेक्ट निरस्त नहीं किए जाते हैं, वे प्रदर्शन करते रहेंगे। किसान परिवार अपने साथ आटा-सामान लेकर आए हैं, ताकि मांग पूरी होने में कुछ दिन भी लगे तो उनका धरना-प्रदर्शन प्रभावित न हो। प्रदर्शन में महिलाओं के साथ बच्चे भी हैं।
धरने में मुख्य रूप से सिमरोल, तिल्लौर खुर्द, फरसपुर, खुड़ैल आदि गांव के किसान शामिल हैं। किसानों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो वे यहीं भोजन बनाएंगे और करेंगे। उधर, प्रदर्शन के दौरान किसान हजारीलाल की चक्कर आने से तबीयत खराब हो गई। हालांकि कुछ देर बाद वे ठीक हो गए।
सुबह से प्रदर्शन कर रहे किसान
पूर्वी रिंग रोड को लेकर किसान सुबह से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर बड़ी संख्या में किसान बैठे हैं। किसानों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं, पर मांग पूरी नहीं हुई, इसलिए इस बार अनिश्चितकालीन धरना देने आए हैं।
अधिकारियों की बातों का असर नहीं
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी किसानों को समझाने का प्रयत्न कर रहे हैं, पर वे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि इससे पहले भी कई बार ऐसा ही हो चुका है। प्रदर्शन खत्म होते ही सब भूल जाते हैं। इसलिए इस बार स्थायी समाधान होने तक बैठे रहेंगे।
मालूम हो कि हाई कोर्ट ने पिछले महीने एक याचिका पर इस योजना को लेकर यथास्थिति बनाए रखने का प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी किसानों को समझाने का प्रयत्न कर रहे हैं, पर वे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि इससे पहले भी कई बार ऐसा ही हो चुका है। प्रदर्शन खत्म होते ही सब भूल जाते हैं। इसलिए इस बार स्थायी समाधान होने तक बैठे रहेंगे।






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