नित्य संदेश, मेरठ। ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन की ओर से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) में एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। यह संगोष्ठी ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य विषय 'सामाजिक समरसता में गोरक्षपीठ की भूमिका' रहा। इस अवसर पर भारी संख्या में प्रबुद्धजन, मीडियाकर्मी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
संतों और मुख्य अतिथियों का रहा सानिध्य
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर जी, विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमंत रवींद्र पुरी जी महाराज, और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के क्षेत्र प्रचार प्रमुख मा. पदम सिंह जी उपस्थित रहे। मंच संचालन और कार्यक्रम का संयोजन ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक शशि प्रकाश सिंह द्वारा किया गया।
गोरक्षपीठ ने हमेशा मिटाई सामाजिक दूरियां
वक्ता संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज और युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज के योगदान को याद किया।
मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि गोरखपुर की पावन गोरक्षपीठ ने सदियों से जाति, पंथ और वर्ग से ऊपर उठकर समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है।
छुआछूत और सामाजिक असमानता के खिलाफ गोरक्षपीठ का आंदोलन देश के लिए हमेशा से मार्गदर्शक रहा है। यह आध्यात्मिक ऊर्जा का केन्द्र है जो सन्मार्ग दिखाने के साथ सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा स्तंभ है। महायोगी गोरखनाथ जी के दरबार में हर वर्ग की समान भागीदारी है। यह पीठ सदैव सामाजिक सुधार, शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण के अभियानों में अग्रसर रहा है। हमारे लिए राष्ट्र की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। पीठ के अंतर्गत संचालित अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और सेवा प्रकल्प आज लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बना रहे हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
संगोष्ठी की शुरुआत और विभिन्न सत्रों के बीच कलाकारों द्वारा बेहद मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
गणेश वंदना और योग नृत्य: कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने भगवान श्री गणेश की भव्य डिजिटल पृष्ठभूमि के सामने हैरतअंगेज योग मुद्राएं और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शिव आराधना: शिव अवतारी गुरु गोरखनाथ जी महाराज को समर्पित सत्र में पारंपरिक परिधानों में सजे युवाओं ने डमरू और संगीत की थाप पर शिव तांडव और आध्यात्मिक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
खचाखच भरा रहा प्रेक्षागृह
कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली। विश्वविद्यालय का ऑडिटोरियम दर्शकों और मीडिया जगत के दिग्गजों से पूरी तरह खचाखच भरा रहा। राष्ट्र संत महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के विचारों और गोरक्षपीठ की सामाजिक समरसता की यात्रा को समझने के लिए लोगों में भारी उत्साह देखा गया।






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