नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। एमवाय हॉस्पिटल और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के बीच शनिवार दोपहर ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने पूरे अस्पताल सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
भीषण गर्मी में एक बीमार बच्चे को उसके माता-पिता खुद स्ट्रेचर पर धकेलते हुए करीब 1 किलोमीटर तक ले जाते दिखे। इस दौरान मां अपने बेटे को धूप से बचाने के लिए बार-बार पानी से चुन्नी भिगोकर उसके ऊपर डालती रही।
मामला 12 साल के बच्चे आदर्श का है, जिसे रीढ़ की हड्डी में समस्या के चलते एमवाय अस्पताल से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां पहुंचने पर कहा गया कि बच्चे को भर्ती करने की जरूरत नहीं है, सिर्फ मेडिकल फाइल और दस्तावेज देखने हैं। इस प्रक्रिया में परिवार को दोबारा बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर एमवाय अस्पताल लौटना पड़ा।
15 दिन से इलाज, लगातार बढ़ती रही मुश्किलें...
परिवार का कहना है कि बच्चे का पिछले 15 दिनों से इलाज चल रहा है। पहले उसे न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती किया गया था, जिसके बाद एमवाय अस्पताल में इलाज जारी है। लगातार अस्पतालों के चक्कर और रेफरल प्रक्रिया ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
करोड़ों रुपए खर्च के बावजूद अव्यवस्था अस्पतालों में मरीजों को वार्ड, जांच और दूसरे अस्पतालों तक ले जाने की जिम्मेदारी आउटसोर्स कंपनी के कर्मचारियों पर है। लेकिन आरोप है कि जरूरत के समय स्ट्रेचर और व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होते, जिससे मरीजों और परिजनों को खुद ही जद्दोजहद करनी पड़ती है। इस व्यवस्था पर हर महीने करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, बावजूद इसके ऐसी घटनाएं लगातार सिस्टम की पोल खोल रही हैं।
धूप, थकान और बेबसी, मदद को तरसता रहा परिवार
तेज धूप और गर्मी के बीच अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर और सहायक कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने से परिजन परेशान होते रहे। मां लगातार पानी से भीगी चुन्नी से बच्चे को ढकती रही, जबकि पिता स्ट्रेचर खींचते रहे। कई बार मदद की तलाश भी की गई, लेकिन मौके पर कोई कर्मचारी नहीं मिला।
पहले भी विवादों में रही आउटसोर्स कंपनी
उसी आउटसोर्स कंपनी की कार्यप्रणाली पहले भी सवालों के घेरे में रही है। हाल ही में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल परिसर में खड़ी एक कार से शराब की पेटियां मिलने के मामले में भी सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगे थे। इसके अलावा प्रदेश के कुछ अन्य मेडिकल कॉलेजों में कार्यप्रणाली को लेकर कंपनी की कार्यशैली पर आपत्तियां उठ चुकी हैं।
एमवायएच के सुपरिटेंडेंट बोले-मामला मेरे संज्ञान में है
एमवायएच के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। चूंकि बच्चे का मामला है और वायरल वीडियो में क्षेत्र चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय के पास का दिख रहा है। ऐसे में बच्चे को एमवायएच से रेफर किया गया या चाचा नेहरू चिकित्सालय से, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
डॉक्टर ने कहा- पता लगा रहे बच्चे की बीमारी
इधर, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंचार्ज सुपरिटेंडेंट डॉ. पीयूष पंचारिया का कहना है कि मैं एक सर्जरी में हूं। बच्चा यहां एडमिट है या नहीं और उसे क्या तकलीफ है, इसका पता किया जा रहा है।



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