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Friday, June 5, 2026

योग के माध्यम से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस एवं फ्रोजन शोल्डर का संभव है प्रभावी निवारण : योगाचार्य अमरपाल

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित नित्य योग शिविर के पंचम दिवस का शुभारंभ प्रातःकालीन सत्र में उत्साहपूर्ण वातावरण के साथ किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में योग साधकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए योगाभ्यास का लाभ प्राप्त किया।

पंचम दिवस के मुख्य प्रशिक्षक योगाचार्य अमरपाल ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रही लाइफस्टाइल संबंधी व्याधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनियमित दिनचर्या, लंबे समय तक कंप्यूटर एवं मोबाइल का उपयोग, शारीरिक श्रम की कमी तथा तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस और फ्रोजन शोल्डर जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि योग की वैज्ञानिक एवं नियमित साधना के माध्यम से इन व्याधियों का प्रभावी निवारण संभव है।



योगाचार्य अमरपाल ने प्रतिभागियों को धीरेंद्र ब्रह्मचारी द्वारा प्रतिपादित सूक्ष्म व्यायामों का अभ्यास कराया। उन्होंने विशेष रूप से ग्रीवा शक्ति विकासक एवं स्कंध शक्ति विकासक सूक्ष्म व्यायामों का महत्व बताते हुए कहा कि ये अभ्यास गर्दन, कंधों एवं मेरुदंड को सुदृढ़ बनाने में अत्यंत लाभकारी हैं। इन अभ्यासों के नियमित अभ्यास से गर्दन के दर्द, जकड़न तथा कंधों की अकड़न में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है। योग सत्र में प्रतिभागियों को अर्ध चक्रासन, भुजंगासन, मकरासन, अर्ध मत्स्येंद्रासन, चक्रासन तथा धनुरासन का विधिवत अभ्यास कराया गया। योगाचार्य अमरपाल ने प्रत्येक आसन की विधि, सावधानियों एवं स्वास्थ्य लाभों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि ये आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, मांसपेशियों को सुदृढ़ करने तथा शरीर में ऊर्जा के संचार को बढ़ाने में सहायक हैं। प्राणायाम सत्र के अंतर्गत अनुलोम-विलोम, उज्जायी, शीतली, शीतकारी एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। उन्होंने बताया कि प्राणायाम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक तनाव, चिंता एवं अवसाद को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भ्रामरी प्राणायाम विशेष रूप से मानसिक शांति एवं एकाग्रता बढ़ाने में लाभकारी माना जाता है।

सत्र के अंत में हास्यासन का अभ्यास कराया गया, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। योगाचार्य अमरपाल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए योग को दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना आवश्यक है। योग विज्ञान विभाग के समन्वयक राकेश कुमार शर्मा ने उपस्थित योग प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि संपूर्ण जीवन पद्धति है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इस योग शिविर का अधिकतम लाभ उठाएं तथा योग के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकता है।

इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. विवेक कुमार त्यागी, अंजू मलिक, डॉ. कमल शर्मा, अरुण सिसोदिया, राकेश कुमार, अवनीश कुमार, अनुज बैसला, विवेक कुमार, आकाश, प्रियांशी, ओजस्वी सहित अनेक योग साधक एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

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