नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के भौतिक विज्ञान विभाग एवं NEEV संस्था के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय एवं NEEV संस्था के मध्य सामाजिक, शैक्षिक एवं राष्ट्रहित के कार्यों के विस्तार हेतु संपन्न हुए Memorandum of Understanding (MoU) के अंतर्गत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के *मुख्य अतिथि प्रो. अनिर्बान पाठक, विभागाध्यक्ष, फिजिकल साइंसेज़ विभाग, JIIT, नोएडा* रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भौतिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष *प्रो. अनुज कुमार* ने की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के *डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. बीरपाल सिंह, **प्रो. नीरज पंवार, **प्रो. योगेंद्र गौतम, **प्रो. अनिल यादव, **डॉ. कविता शर्मा, **श्री विवेक सिद्धि, NEEV संस्था के राष्ट्रीय संयोजक **डॉ. उपदेश वर्मा, **श्री मनीष मिश्रा, **प्रो. दुष्यंत चौहान* सहित अनेक शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर स्थित भौतिक विज्ञान विभाग में आम, अमरूद, जामुन तथा अन्य फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा उपस्थित विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को वृक्षों के महत्व से अवगत कराया।
मुख्य अतिथि *प्रो. अनिर्बान पाठक* ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज सम्पूर्ण मानवता की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को केवल ज्ञान के केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सतत विकास के प्रेरणा केंद्र के रूप में भी कार्य करना चाहिए। वृक्षारोपण जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
इस अवसर पर *डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. बीरपाल सिंह* ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक सोच का गहरा संबंध है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान केवल नीतियों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन से संभव है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए, तभी सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकेगा।
*प्रो. अनुज कुमार* ने कहा कि भौतिक विज्ञान विभाग एवं NEEV संस्था के मध्य स्थापित सहयोग भविष्य में भी समाजोपयोगी गतिविधियों को नई दिशा देगा। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
*NEEV संस्था के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. उपदेश वर्मा* ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि पृथ्वी केवल हमारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की भी धरोहर है। यदि प्रत्येक नागरिक प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि NEEV संस्था शिक्षा, समाज और पर्यावरण के क्षेत्र में जनजागरण हेतु निरंतर कार्य कर रही है तथा विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। वृक्ष न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, जल संतुलन बनाए रखने तथा पृथ्वी को हरित एवं स्वस्थ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया और समाज को हरित, स्वच्छ एवं सतत भविष्य के निर्माण हेतु प्रेरित करने का संदेश दिया।
"पेड़ लगाएँ, पेड़ बचाएँ और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण करें।"
यह संस्करण प्रेस में प्रकाशित करने योग्य है तथा इसमें प्रो. बीरपाल सिंह जी का संदेश भी औपचारिक रूप से समाहित कर दिया गया है।

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