रवि गौतम
नित्य संदेश, परीक्षितगढ़। नगर में चल रहे ढाक पीर मेले में मुशायरा परीक्षितगढ़ का आयोजन किया गया जिसमें शायरो ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए जहां लोगों ने जमकर दात दी
शायर अली खान जौहर ने कहा कि
मैं तो हर हाल में खुश रखता हूं मां को जौहर मुझसे रूठी हुई जन्नत देखी नहीं जाती
हाशिम रजा हाशिम ने कहा कि खादिम से तमाशाई ने महफ़िल में कहा अब किसी हाशिम को बुलाओ
अबूबकर मेरठी ने कहा कि
इतनी बाटूंगा मोहब्बत जहां में यारों गमजदा मरने पर मेरे सारा जमाना होगा
डॉ शाबीर अजराड़वी ने कहा
मुझको मेरी हयात से कोई गिला नही साबिर को सब्र करना सिखाया आपने
अली मेरठी ने कहा
हिंदुस्तान अपना है वतन इसके लिये हाजिर है जानों तन
यूसुफ मेरठी ने कहा
याद तो होगा कि हम ही तो है ए खाक ए वतन अपने खून से तुझे गुलजार करने वाले
गुफरान जावेद ने कहा
इससे बड़ी है क्या कोई तोहीन ओर भी में तुझसे मिलकर हो गया गमगीन रवि गौतम पत्रकार ने पढ़ा अब वागवा ही फूलों को सताने पर तुला है कांटों का दर्द बढ़ने पर तुला है ये आज के हालात और मजहब है दोस्तों इंसान ही इंसान को मिटाने पर तुला है
अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष विष्णु अवतार रुहेला ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया भारतीय संस्कृति संस्कार और आपसे प्रेम को आगे बढ़ाने की बात कही
मुशायरे की अध्यक्षता अकबर अली व संचालन अली जौहर ने किया इस अवसर पर मेला अध्यक्ष सतीश अग्रवाल जीशान मोहम्मद, जुबेर अहमद पत्रकार रवि गौतम आशु सैफी असगर अली, शानू आदि उपस्थित रहे

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