तरुण आहूजा
नित्य संदेश, मेरठ। जैसे-जैसे 14 जुलाई की तारीख नजदीक
आ रही है, शास्त्री नगर के कई परिवारों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। लोगों के मन
में एक ही सवाल है— क्या हमारे घरों पर भी बुलडोजर चलेगा? सुप्रीम कोर्ट के आदेश के
अनुसार 14 जुलाई तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की समय सीमा तय मानी जा रही है, जिसके चलते
क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है।
सेंट्रल मार्किट क्षेत्र में कई स्थानों पर लोग सेटबैक
के लिए स्वयं ही निर्माण हटाने लगे हैं, वहीं दूसरी ओर अपने आशियाने को बचाने के लिए
महिलाओं का संघर्ष लगातार जारी है। सेक्टर-2 में पिछले करीब दो माह से महिलाओं का धरना
चल रहा है, जबकि सेक्टर-3 और सेक्टर-4 की महिलाएं भी अपने घर बचाने की मांग को लेकर
धरने पर बैठी हुई हैं।
धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि वे अपने घरों को टूटने
नहीं देंगी और हर स्तर पर अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।
उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत और जीवनभर की जमा पूंजी से बनाए गए घरों को बचाने
के लिए वे लगातार संघर्ष करेंगी।
जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा पत्र:
शास्त्री नगर सेक्टर-2 की निवासी राधा गुप्ता ने बताया
कि उन्होंने जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सभी प्रभावित
परिवारों के घर बचाने की मांग की है। राधा का कहना है कि सरकार और प्रशासन मानवीय दृष्टिकोण
अपनाते हुए ऐसा समाधान निकाले जिससे लोगों का आशियाना सुरक्षित रह सके। अब सबकी निगाहें
शासन और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि 14 जुलाई की समय सीमा नजदीक आने
के साथ क्षेत्र में बेचैनी भी बढ़ती जा रही है।
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