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Saturday, June 6, 2026

हाथों में हुनर, साथ में नाबार्ड और बैंक का सहारा: 30 ग्रामीण महिलाएं बनेंगी उद्यमी


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। राजपुरा विकास खंड के ग्राम नांगली आजमाबाद में नाबार्ड के सहयोग से अक्ष एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित "रेजिन आधारित होम डेकोर एवं मूर्ति निर्माण" विषयक 20 दिवसीय आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (LEDP) का प्रथम बैच सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम के अंतर्गत 30 ग्रामीण महिलाओं को रेजिन आधारित गृह सज्जा उत्पादों एवं मूर्तियों के निर्माण, विपणन तथा उद्यम प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

समापन समारोह में केनरा बैंक के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) श्री आर. के. खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक (DDM) सुश्री भावना जैन ने की। इस अवसर पर श्री बादल चौधरी (जिला संसाधन व्यक्ति, जिला उद्योग केंद्र), श्री धर्मेंद्र कुमार (ब्लॉक मिशन मैनेजर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) तथा अक्ष एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी के श्री दीपक कुमार, श्री राहुल विकल, श्री आनंद कुमार एवं श्री पन्नू कुमार भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी 30 प्रतिभागी महिलाओं को प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए गए। महिलाओं ने अपने हाथों बनाई हुई ग्रह सज्जा की मूर्तियां भी अतिथियों को दिखाई। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री आर. के. खन्ना ने प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं द्वारा प्रदर्शित उत्साह एवं सीखने की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं में सफल उद्यमी बनने की अपार क्षमता है तथा बैंकिंग प्रणाली उनके व्यवसाय की स्थापना और विस्तार में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने महिलाओं को आश्वस्त किया कि बैंकों से ऋण एवं अन्य वित्तीय सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने उद्यम को सफलतापूर्वक स्थापित कर सकें।

इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के श्री बादल चौधरी ने महिलाओं को उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM YUVA) योजना की जानकारी दी तथा योजना के अंतर्गत उपलब्ध ऋण सुविधाओं का लाभ उठाकर स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में सुश्री भावना जैन ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल कौशल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने की एक समग्र पहल है। उन्होंने जानकारी दी कि इसी प्रकार के दो अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र ही साधारणपुर एवं इंचौली गांवों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को आजीविका एवं उद्यमिता के अवसर प्राप्त हो सकें।

अक्ष एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद भी संस्था महिलाओं को व्यवसाय स्थापना, ऋण प्राप्ति, बाजार संपर्क, ब्रांडिंग एवं विपणन संबंधी सहायता प्रदान करेगी। संस्था का उद्देश्य प्रशिक्षित महिलाओं को रेजिन आधारित होम डेकोर उत्पादों के सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है।

ग्रामीण महिलाओं ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कौशल एवं मार्गदर्शन के लिए नाबार्ड और अक्ष एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा स्वयं का उद्यम प्रारम्भ करने का संकल्प लिया।

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