तरुण आहूजा
नित्य संदेश, मेरठ। शास्त्री नगर में छोटे व्यापारियों और स्थानीय परिवारों का दर्द अब खुलकर सामने आने लगा है। वर्ष 2025 को लोग पहले ही चुनौतियों भरा मान रहे थे—जलभराव, राजनीतिक उठापटक और सामाजिक तनाव जैसी समस्याओं के बीच—लेकिन वर्ष 2026 व्यापारियों के लिए और बड़ा संकट लेकर आया प्रतीत हो रहा है।
अक्टूबर 2025 में 661/6 क्षेत्र में हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बाद किसी ने नहीं सोचा था कि हालात इतने गंभीर रूप ले लेंगे। इसके बाद 44 स्थानों पर सीलिंग और अब सेटबैक की मांग ने व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को असमंजस में डाल दिया है। वर्षों की मेहनत से खड़े किए गए कारोबार पर अचानक संकट खड़ा होने से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होने लगी है। कई व्यापारियों का कहना है कि “अब हालात ऐसे हैं कि आंखों से आंसू भी नहीं निकल रहे।”
उनका आरोप है कि दशकों से चल रहे व्यवसायों को अचानक अवैध बताकर बंद कर देना उनके परिवारों को आर्थिक संकट में धकेल रहा है। इसी दर्द और आक्रोश के बीच 4 जून 2026 को शास्त्री नगर सेक्टर-3/4 की महिलाएं शांति धरने पर हनुमान चालीसा का पाठ करती नजर आईं, जबकि सेक्टर-2 में भी महिलाओं का धरना लगातार जारी है। धरना दे रही महिलाओं का सवाल है कि यदि निर्माण अवैध थे, तो इतने वर्षों तक संबंधित विभाग और अधिकारीयो द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?
लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या ये निर्माण रातों-रात खड़े हो गए थे? यदि नहीं, तो उन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हो रही जिन्होंने वर्षों तक इन निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों की संपत्तियों और कार्यशैली की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कहीं लापरवाही या मिलीभगत साबित होती है तो सख्त कानूनी कार्रवाई भी हो।
व्यवसाय बंद नहीं, अब सेटबैक की मांग?
स्थानीय लोगों का कहना है कि 661/6 पर हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई के समय केवल व्यवसायिक गतिविधियों को बंद कराने की बात सामने आई थी, लेकिन अब सेटबैक तोड़ने की चर्चा ने नई चिंता पैदा कर दी है। लोगों का सवाल है कि अचानक नियमों की व्याख्या में बदलाव क्यों दिखाई दे रहा है।
कुछ पर अब भी मेहरबानी के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग दोहरी नीति अपना रहा है। पुराने निर्माणों पर सख्ती दिखाई जा रही है, जबकि नए निर्माणों पर केवल नोटिस और लाल निशान लगाकर कार्रवाई सीमित कर दी गई है।
अब निगाहें अगली कार्रवाई पर
बताया जा रहा है कि 14 जुलाई से पहले 860 निर्माणों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। हालांकि, नए बन रहे अवैध निर्माणों पर कब कार्रवाई होगी, इस सवाल पर अधिशाषी अभियंता अभिषेक राज का कहना है कि “फोर्स मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।” अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कार्रवाई केवल पुराने निर्माणों तक सीमित रहेगी या नए निर्माण भी जांच और कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
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