नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली: स्मार्ट मीटर को लेकर देशभर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट मीटर में प्रीपेड व्यवस्था अब अनिवार्य नहीं होगी। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड विकल्प चुन सकेंगे।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी संशोधित आदेश में यह साफ किया गया है कि किसी भी उपभोक्ता पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर जबरदस्ती लागू नहीं किया जाएगा। यह फैसला लंबे समय से चल रहे विरोध और उपभोक्ता संगठनों की मांग के बाद लिया गया है।
उपभोक्ता परिषद ने इस निर्णय को अपनी बड़ी जीत बताया है। परिषद का कहना है कि ग्रामीण और आम उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड प्रणाली कई बार परेशानी का कारण बन रही थी, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें डिजिटल सिस्टम की पूरी जानकारी नहीं है।
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान जारी रहेगा और इसे बिजली व्यवस्था को पारदर्शी व आधुनिक बनाने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा।
👉 क्या है असर?
- उपभोक्ताओं को मिलेगा विकल्प का अधिकार
- जबरन प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक
- स्मार्ट मीटर योजना जारी रहेगी
इस फैसले से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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