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Monday, March 9, 2026

बीएलएस ई-सर्विसेज ने सहारनपुर में बीसी सखी के साथ मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस




नित्य संदेश ब्यूरो

सहारनपुर। डिजिटल सेवा प्रदाता, बीएलएस ई-सर्विसेज ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीसी सखी को सशक्त बनाते हुए यह दिन मनाया। बीसी सखी उत्तर प्रदेश में वित्तीय समावेशन के विस्तार की रीढ़ हैं। इस कार्यक्रम में महिला ग्राहकों ने भी भाग लिया, जहां बीसी सखी ने उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया।


इस पहल के माध्यम से बीएलएस ई-सर्विसेज के विस्तृत बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) नेटवर्क में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित किया गया। महिला CSP अब बदलाव की मजबूत वाहक बनकर उभर रही हैं, जो खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वंचित समुदायों तक आवश्यक बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं पहुंचा रही हैं।



इस अवसर पर Lokanath Panda, COO,  बीएलएस ई-सर्विसेज ने कहा,“ बीएलएस ई-सर्विसेज में हमारा मानना है कि जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाए बिना एक समावेशी वित्तीय व्यवस्था का निर्माण संभव नहीं है। हमारी महिला CSP केवल सेवा प्रदाता ही नहीं हैं, बल्कि अपने समुदायों में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए ग्रामीण भारत में बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं की पहुंच को बदल रही हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हमें उनके समर्पण और समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव को सम्मानित करने पर गर्व है।”

बीसी सखी, जिन्हें आमतौर पर 'बैंकर दीदी' के नाम से जाना जाता है, न केवल यूपी के वंचित क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि अपने आस-पास की महिलाओं को भी सशक्त बना रही हैं। भारत में अग्रणी बिजनेस करस्पोंडेंट (बीसी) खिलाड़ी, बीएलएस ई-सर्विसेज के पास इस क्षेत्र में लगभग 22 प्रतिशत बीसी सखी नेटवर्क है, जो वित्तीय लेनदेन को सुगम बनाता है, जिससे लेनदेन की मात्रा और राजस्व दोनों में वृद्धि होती है।


उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों में बैंकिंग सेवाएं प्रदान करके महिलाओं के वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए वर्ष 2020 में बीसी सखी योजना शुरू की थी। आज तक, यूपी में 50,000 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से लगभग 40,000 ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रूप से बैंकिंग को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2020 में शुरू होने के बाद से, इस योजना ने 50,192 महिलाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 39,561 गांवों में सक्रिय रूप से सेवा दे रही हैं, जो 31,626 करोड़ रुपये मूल्य के लेनदेन को सुगम बना रही हैं और 85.81 करोड़ रुपये का कमीशन अर्जित कर रही हैं।


अपने देशव्यापी BC नेटवर्क के माध्यम से बीएलएस ई-सर्विसेज महिलाओं को सूक्ष्म उद्यमी और वित्तीय सेवा प्रदाता बनने का अवसर दे रही है। इससे औपचारिक बैंकिंग सेवाओं और ग्रामीण नागरिकों के बीच मौजूद अंतिम दूरी को कम करने में मदद मिल रही है। महिला CSP अपने सेवा केंद्रों के माध्यम से नकद जमा और निकासी, आधार आधारित भुगतान, मनी ट्रांसफर, बिल भुगतान, बीमा सेवाएं और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।

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