नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। ‘विधिक क्षेत्र में कैरियर निर्माण के आवश्यक पहलू’ विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें सुभारती लॉ कॉलेज के निदेशक राजेश चंद्र जी (पूर्व न्यायमूर्ति, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) के मार्गदर्शन में तथा प्रो. (डॉ.) रीना बिश्नोई, संकायाध्यक्षा, सुभारती लॉ कॉलेज के संरक्षण में किया गया।
सुभारती लॉ कॉलेज की पुरातन छात्र समिति के शिक्षक समन्वयक अरशद आलम (पुरातन छात्र- सुभारती लॉ कॉलेज) ने मुख्य वक्ता, डॉ. शिवानी शर्मा (पुरातन छात्र- सुभारती लॉ कॉलेज) वर्तमान में सिविल जज कम ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, झारखंड का परिचय विद्यार्थियों से करवाया तथा उन्हें संबोधन हेतु आमंत्रित किया। डॉ. शिवानी शर्मा ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए कहा कि आप जिस क्षेत्र में हैं वह बहुत ही व्यापक है। आपको अपने सपनों को साकार करने के लिए सतत प्रयास करना होगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि आपको कभी भी अपनी कक्षाएं नहीं छोड़नी चाहिए। नियमित रूप से अपनी कक्षा में उपस्थित रहिए तथा आपके मन में जो भी प्रश्न आपके अध्ययन से संबंधित आते हैं उनको अपने विषय अध्यापक से अवश्य पूछिए। आपके मन की शंकाएं समाप्त हो जाएंगी। जब भी आपको खाली समय मिले उसे व्यर्थ में बर्बाद ना करिए बल्कि उस समय का सदुपयोग आप पुस्तकालय में बैठकर अपनी शंकाओं के समाधान में लगाइए।
उन्होंने कहा कि अपने विषय को छोटे-छोटे उप-शीर्षकों में विभाजित कीजिए, तब उन्हें याद कीजिए। साथ ही किसी भी विधि को समझने के लिए आपको उसका बेयर एक्ट भी पढ़ना आना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में अरशद आलम द्वारा मुख्य वक्ता को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. प्रेमचंद, डॉ. सारिका त्यागी, डॉ. आफरीन अलमास, शालिनी गोयल सोनल जैन, अनुराग चौधरी, आशुतोष देशवाल, हर्षित, पार्थ मल्होत्रा आदि शिक्षक- शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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