नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सुभारती विधि संस्थान, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ का खूबसूरत सरदार पटेल ऑडिटोरियम सुरमई माहौल एवं पुराने साथियों से एक बार फिर से मिलने की आशा में एकत्र, सत्र 2024-25 के पुरातन विद्यार्थियों से सुसज्जित हुआ। मौका था पुरातन छात्र समागम 2026। इस कार्यक्रम का आयोजन सुभारती विधि महाविद्यालय के पुरातन छात्र समिति के समन्वयक अरशद आलम द्वारा सुभारती विधि संस्थान के निदेशक राजेश चंद्र (पूर्व न्यायमूर्ति इलाहाबाद, उच्च न्यायालय, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) के निर्देशन तथा प्रो. (डॉ.) रीना बिश्नोई कार्यक्रम का संचालन करते हुए पुरातन छात्र समिति की समन्वयक अरशद आलम ने संकायाध्यक्ष तथा शिक्षकों का स्वागत पौंधा भेंट करके किया, तदुपरांत समागम कार्यक्रम का शुभारम्भ सुभारती विधि संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रो.(डॉ.) रीना बिश्नोई ने सभी शिक्षकों व पुरातन छात्रों के संग माँ सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने पुरातन छात्रों को आर्शीवाद देते हुए कहा कि एक बार फिर से अपने छात्रों को देखकर खुशी हो रही है। विधि का क्षेत्र बहुत पवित्र है। इसकी पवित्रता को हमेशा बरकरार रखना और जो भी संस्कार आपने अपने कॉलेज और शिक्षकों से पाए है, उन्हें अपने जीवन में हमेशा साकार करना। पुरातन छात्र समिति के समन्वयक अरशद आलम ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए स्वागत भाषण प्रेषित किया। पुरातन छात्रों में प्रो.(डॉ.) रीना बिश्नोई, रिया, समीर अनु श्रेष्ठ याशिका प्रियांशी शिवम धैर्य अखिलेश सुचिता हिमांशु, आदि ने अपने अध्ययन समय चाहे वह एक वर्ष हो 2 वर्ष का हो अथवा 5 वर्ष का या फिर सर्वोच्च उपाधि पीएच.डी. के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए इस दिन को यादगार बना दिया तथा अपने शिक्षकों को याद करते हुए कहा कि सुभारती लॉ कॉलेज से प्राप्त किया हुआ ज्ञान और यहाँ का अनुशासन हमेशा हमारा मार्गदर्शक बना रहेगा। आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में यहाँ से सीखा हुआ ज्ञान हमारा प्रेरणा स्त्रोत है। हम सभी के जीवन में यहाँ का वातावरण का सकारात्मक प्रभाव हमेशा काम आता है।
सुभारती लॉ कॉलेज में शिक्षा के साथ-साथ मिलें संस्कार हमारे जीवन में हमेशा काम आते है विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए जस्टिस राजेश चंद्रा ने कहा की यह समय छात्र जीवन में प्राप्त ज्ञान को देश की भलाई के लिए इस्तेमाल करने का है और जब आप अपने कार्यों से समाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण करेंगे तो उससे आपका संस्थान, आपका विश्वविद्यालय, आपका परिवार सभी गौरवान्वित होंगे। उन्होंने सभी पुरातन छात्रों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रदान की।
इस कार्यक्रम की सफलता में दिया, ओम ठाकुर, यश, देवांश, कार्तिक आदि छात्र-छात्राओं का विशिष्ट योगदान रहा। कार्यक्रम में डॉ. सारिका त्यागी, डॉ. प्रेमचंद, डॉ. आफरीन अल्मास, शालिनी गोयल, सोनल जैन, अरशद आलम, पार्थ मल्होत्रा, अनुराग चैधरी,आशुतोष देशवाल एवं हर्षित आदि शिक्षक शिक्षिकाएं तथा पुरातन छात्र बडी संख्या में उपस्थित रहे।

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