वसीम अहमद
नित्य संदेश, मुंडाली। क्षेत्र के गांव अजराड़ा से शनिवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। क्षेत्र ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाले प्रख्यात इस्लामी विद्वान हजरत मौलाना अब्दुल्ला मुगेशी का इंतकाल हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और हर ओर गहरा दुख एवं मायूसी छा गई।
मौलाना अब्दुल्ला मुगेशी जामिया इस्लामिया अरबिया गुलजार हुसैनिया मदरसे, अजराड़ा से जुड़े हुए थे और अपनी सादगी, गहन धार्मिक ज्ञान (इल्म) तथा समाज सेवा के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे। उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय दीन की खिदमत, शिक्षा के प्रसार और लोगों को सही राह दिखाने में समर्पित किया। उनकी तकरीरें और बयान हमेशा लोगों के दिलों को छू जाते थे तथा समाज में भाईचारे, अमन और इंसानियत का संदेश देते थे।उनके इंतकाल की सूचना मिलते ही उलेमा-ए-किराम, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम लोग उनके निवास स्थान पर पहुंचने लगे। हर किसी की जुबान पर उनके लिए दुआएं थीं।
लोगों ने गहरे दुख के साथ कहा कि मौलाना साहब का जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कर पाना बेहद कठिन है। इस दुखद अवसर पर सभी धर्मों के लोगों ने एकजुट होकर मरहूम के लिए दुआ की। लोगों ने अल्लाह ताला से उनकी मगफिरत, कब्र में रौशनी और जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करने की दुआ की। साथ ही उनके परिजनों और चाहने वालों को इस कठिन समय में सब्र-ए-जमील देने की प्रार्थना की गई।
मौलाना अब्दुल्ला मुगेशी का पूरा जीवन समाज के लिए एक मिसाल रहा। उनकी दी हुई तालीम, नेक काम और समाज सुधार के प्रयास हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे और उन्हें एक महान शख्सियत के रूप में याद किया जाता रहेगा।
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