-मेरठ रेंज मे 1.06 लाख अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार
-70 हजार अपराधियों का सत्यापन पूर्ण, रेंज के 5863 गांवों
का 100% डाटा फीड
लियाकत मंसूरी
नित्य संदेश, मेरठ। आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपराध नियंत्रण
को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकसित “यक्ष (YAKSH) ऐप” को पुलिस मुख्यालय
द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन में लांच किया गया। ऐप का मेरठ परिक्षेत्र
में व्यापक रूप से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से अपराधियों का डिजिटल
अभिलेखीकरण, सत्यापन तथा उनकी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है, जिससे अपराध नियंत्रण
के साथ-साथ बीट पुलिसिंग को भी सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि उनके
द्वारा वर्ष की शुरुआत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज के समस्त जनपद प्रभारियों,
राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को पुलिस मुख्यालय द्वारा लॉन्च किए गए यक्ष
ऐप के उद्देश्य एवं प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए
थे। निर्देशों के क्रम में जघन्य एवं सनसनीखेज अपराधों की रोकथाम हेतु अपराधियों का
शत-प्रतिशत डेटा ऐप में दर्ज करने तथा नियमित सत्यापन सुनिश्चित करने की है।
यक्ष ऐप की प्रमुख विशेषताएं-
इस एप के जरिए किसी भी जनपद में अपराध करने वाले अपराधियों
का रिकार्ड दर्ज होते ही अपराधी के सम्बन्धित थाने को भी स्वतः अपडेट मिला जाएगा। यक्ष
एप के तहत बीट व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। हर थाना और क्षेत्र के टॉप-10 अपराधियों
का चयन पारदर्शी और डेटा आधारित प्रक्रिया से किया जाएगा, जिससे निगरानी और कार्रवाई
ज्यादा प्रभावी हो सकेगी। सनसनीखेज अपराधों की रोकथाम के लिए ऐप में एआई पावर्ड फेसियल
रिकग्निशन की सुविधा है, जिससे संदिग्ध अपराधियों की पहचान आसान होगी और एआई पॉवर्ड
वॉयस सर्च से अपराधों के अनावरण और रोकथाम में मदद मिलेगी। इस प्रक्रिया के माध्यम
से पहले से दर्ज अपराधियों की पहचान चेहरे के मिलान द्वारा की जाती है। एआई तकनीक फर्जी
पहचान, नाम बदलने या फरारी की स्थिति में भी सटीक पहचान में सहायता करती है। किसी जघन्य
या सनसनीखेज घटना के घटित होते ही यक्ष ऐप के डेटाबेस से संभावित अपराधियों की पहचान
उनकी अद्यतन स्थिति की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी।
यक्ष ऐप का उद्देश्य

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