नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस (आई.एस.बी) के
इंस्टीट्यूट ऑफ डेटा साईंस (आई.आई.डी.एस) और पंजाब पुलिस स्टेट साईबर क्राईम
डिवीज़न तथा साईबरपीस ने साईबर सिक्योरिटी एवं ए.आई सेफ्टी हैकथॉन 2026
शुरू किया है। इस राष्ट्रीय हैकथॉन का
उद्देश्य साईबर सिक्योरिटी, डिजिटल सामर्थ्य और जवाबदेह
आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस के लिए भारत में मजबूत क्षमताओं का विकास करना है।
इस हैकथॉन में पूरे भारत के स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स, टेक्नोलॉजिस्ट, लॉ
एन्फोर्समेंट प्रोफेशनल और पॉलिसी एक्सपर्ट हिस्से लेंगे तथा डिजिटल सिक्योरिटी और
ए.आई सेफ्टी में उभरते हुए खतरों के लिए इनोवेटिव समाधानों का विकास करेंगे। इस
हैकथॉन का उद्देश्य जमीनी स्तर पर इनोवेशन को बढ़ावा देना, ओपन-सोर्स
टूल्स और डेटासेट्स का निर्माण करना तथा ए.आई सुरक्षा पर हो रही राष्ट्रीय पॉलिसी
की चर्चा में अपना योगदान देना है।
हैकथॉन में प्रतिभागियों को पाँच अत्याधुनिक प्रॉब्लम
ट्रैक्स पर काम करने का अवसर मिलेगाः
साईबर अपराध को पहचाननाः बैंकिंग, फाईनेंशियल
सर्विसेज़ और इंश्योरेंस (बी.एफ.एस.आई), टेलीकॉम
और फिनटेक सेक्टर में फाईनेंशल साईबरक्राईम को रोकना, जिसका
संबंध सीधे कानून व्यवस्था से है।
भ्रामक जानकारी और डीपफेक से बचावः ऐसे टूल्स का
निर्माण करना, जो सिंथेटिक मीडिया और ए.आई
निर्मित असत्य जानकारी को पहचानकर राजनैतिक हेराफेरी को रोक सकें। एजेंटिक ए.आई. सेफ्टीः ऑटोनोमस ए.आई एजेंट्स को
वास्तविक परिस्थितियों में तैनात करने के बाद नियंत्रण में समझने
योग्य और जवाबदेह बनाकर रखना। एल.एल.एम सेफ्टी और विरोधाभासी एम.एलः लार्ज
लैंग्वेज मॉडलों के लिए रेड-टीमिंग, विरोधाभास
के परीक्षण और जवाबदेह तालमेल की तकनीकों का विकास।
नेटवर्क डिफेंस और डिजिटल फोरेंसिकः भारत के
महत्वपूर्ण डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में सेंध की पहचान और फोरेंसिक क्षमताओं को
मजबूत बनाना।

No comments:
Post a Comment