नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। करवा चौथ और दिवाली जैसे पारंपरिक त्योहारों के आगमन से पहले मेरठ में एक नया सामाजिक विवाद उभर आया है। भाजपा महिला नेत्रियों ने मुस्लिम लड़कों द्वारा मेहंदी लगाने को लेकर आपत्ति जताई है और हिन्दू महिलाओं से अपील की है कि वे अपने त्योहारों पर मुस्लिम युवकों से मेहंदी न लगवाएं।
भाजपा महानगर उपाध्यक्ष सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि “हमारे त्योहारों पर मुस्लिम युवक आर्थिक लाभ तो कमाते हैं, लेकिन जब इसी माध्यम से हमारी बेटियों को बहकाने या लव जिहाद जैसी घटनाओं में फंसाने की कोशिश होती है, तो यह अत्यंत चिंता का विषय है।” उन्होंने कहा कि भारत में हिंदू-मुस्लिम एकता की बात हमेशा होती है, परंतु दोस्ती एक तरफा नहीं होनी चाहिए।
सीमा श्रीवास्तव ने आगे कहा कि “मैं सभी माताओं, बहनों और बेटियों से निवेदन करती हूं कि इस बार करवा चौथ या दिवाली पर कोशिश करें कि मेहंदी अपनी ही हिंदू बहनों से लगवाएं। जिन बहनों को रोजगार की जरूरत है, उन्हें यह अवसर मिलना चाहिए। व्यापारी वर्ग भी लालच में आकर मुस्लिम दुकानदारों को अपने घर या दुकान के बाहर स्थान न दें।” उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय में कलाकारी और मेहंदी लगाने की कला बेहतरीन होती है, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन “केवल सुंदर मेहंदी लगाना ही काफी नहीं है, उसके पीछे का उद्देश्य भी समझना चाहिए।”
मेरठ में सोशल मीडिया पर कैंपेन तेज :
पिछले कुछ दिनों से मेरठ में सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स पर “मुस्लिम लड़कों से मेहंदी न लगवाने” का कैंपेन चलाया जा रहा है। कुछ संगठनों ने इसे लेकर संदेश प्रसारित किए हैं और लोगों से अपील की है कि त्योहारों में अपने ही समुदाय के कलाकारों को प्राथमिकता दें।
इस बयान और अभियान को लेकर शहर में चर्चा का माहौल है। कुछ लोग इसे सामाजिक जागरूकता बता रहे हैं, तो कुछ इसे धार्मिक भेदभाव का रूप मान रहे हैं। फिलहाल इस विषय पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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