नित्य संदेश ब्यूरो
बहसूमा। गांव मौडखुर्द में महर्षि वाल्मीकि जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। उपस्थित वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के आयोजक पूर्व प्रधान मुन्ना राम वाल्मीकि ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने संस्कृत भाषा में रामायण की रचना की, जिसे देववाणी के रूप में भी जाना जाता है। बाद में इसका हिंदी रूपांतरण गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के रूप में किया। प्रधान पद के भावी उम्मीदवार सोनू सिंह जाटव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें यह सीख देता है कि पाप से कमाया धन कभी सुख नहीं देता और पाप सभी कार्यों के विनाश की जड़ होता है।
इस अवसर पर डॉक्टर अनिल, विनोद कुमार, वीर सिंह, भगत महावीर, सतवीर, भोपाल, सतपाल, अनुज, मोनू, अमित, सचिन, जॉनी आदि मौजूद रहे।
No comments:
Post a Comment