नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। एनएएस इन्टर कालिज में छात्रों द्वारा
पृथ्वी की परिधि नापने का प्रयोग एसे समय में चल रहा हैं, जब
सूरज भूमध्यरेखा पर है और पृथ्वी के दोनों गोलार्द्ध पर अपना समान प्रकाश फैला रहा
हैं। वैज्ञानिक दीपक शर्मा ने बताया कि
यह साल के चार वह खास दिनों में से वह दिन हैं, जब हम पृथ्वी
के किसी भी स्थान पर खड़े होकर पृथ्वी की परिधि को नाप सकते
हैं और वो भी मात्र एक छड़ की मदद से।
प्रधानाचार्या आभा शर्मा ने बताया कि इस दुलर्भ प्रयोग में स्कूल के 50 छात्रों की 10 टीम बनाई गई और उन्होंने
रसायन प्रयोगशाला से 10 लोहे के स्टैण्ड लिए और सभी टीमों को पहले दीपक शर्मा ने प्रयोग करने
का तरिका सीखाया, फिर 11.55 से प्रयोग को शुरू
किया और 12.28 तक परछाई के कोण को
मापा जाता रहा, फिर सभी ने सबसे छोटी परछाई को जमीन पर निशान लगाकर प्रदर्शित
किया, यही इस स्थान का वास्तविक उत्तर दिशा को दर्शा रहा था।
जबकि चुम्बकिया उत्तर दिशा इससे 15 डिग्री के अन्तर पर होती हैं, दूसरे प्रयोग
में सबसे छोटी परछाई का कोण 29.148 डिगी आया, जिससे स्पष्ट हो गया कि एनएएस इन्टर कालिज का अक्षांतर 29.14800000 आया, तीसरे
प्रयोग में पृथ्वी की परिधि को नापा गया।

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