नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि
यदि जोर जबरदस्ती करके निजीकरण का टेंडर निकाला गया तो टेंडर निकलते ही बिजली
कर्मी समस्त जनपदों में सामूहिक जेल भरो आंदोलन प्रारंभ कर देंगे, जिसकी
सारी जिम्मेदारी प्रबन्धन की होगी।
निजीकरण के विरोध में लगातार चल रहे आंदोलन के 300 दिन पूरा होने पर मंगलवार को बिजली कर्मियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों में जोरदार विरोध प्रदर्शन कर सामूहिक जेल भरो सत्याग्रह प्रारम्भ करने का संकल्प लिया। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि यह विदित हुआ है कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन और आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन के बीच यह तय हुआ है कि टेंडर की पूरी प्रक्रिया गोपनीय रखी जाए। इसके अंतर्गत पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के पांच निगम बनाकर पांच अलग अलग टेंडर निकाले जाएंगे, जिनमें एक लिंक दी जाएगी। लिंक तभी खुलेगी जब टेंडर डालने वाली निजी कंपनी पांच लाख रुपए का भुगतान करें, साथ में यह शपथ पत्र भी देना होगा कि लिंक खुलने के बाद आरएफपी डॉक्यूमेंट को कोई कंपनी सार्वजनिक नहीं करेगी।
विरोध प्रदर्शन मुख्य अभियंता वितरण प्रथम/द्वितीय मेरठ कार्यालय के प्रांगण
में किया गया, जिसमें सीपी सिंह, आलोक त्रिपाठी, प्रगति राजपूत, गोपी चंद, अश्विनी, कपिल देव गौतम, विवेक सक्सेना, महेश चंद शर्मा आदि
मुख्यतः उपस्थित रहे।

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